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नेपाल हिंसा: बार्डर पर बढ़ी चौकसी

Wed, 26 Aug 2015 09:37 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 26 Aug 2015 09:37 PM IST
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Nepal violence : increased surveillance at the border

नेपाल में भड़की हिंसा के मद्देनजर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। नेपाल के गृहमंत्री बामदेव गौतम के भारतीय सीमा से आए घुसपैठियों पर लगाए गए हिंसा के आरोप पर गृह मंत्रालय सतर्क है।

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एसएसबी के महानिदेशक बीडी शर्मा ने गृहसचिव के मुलाकात कर सीमा के हालात की जानकारी दी है। गौरतलब है कि गौतम के इस बयान पर भारत नेपाल से पहले ही नाराजगी जता चुका है।
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बीडी शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि पूरे भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। शर्मा ने इस बात से इनकार किया कि पिछले कुछ दिनों में भारत की तरफ को बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई है।

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एलर्ट रहने को कहा गया

Nepal violence : increased surveillance at the border

शर्मा ने कहा कि उन्होंने नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स के प्रमुख और नेपाल पुलिस के उच्चाधिकारियों से फोन पर बातचीत की है। भारत की तरफ पूरी सीमा पर तैनात अधिकारियों को एलर्ट रहने को कहा गया है।

एसएसबी सूत्रों ने कहा कि नेपाल के गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री गौतम का बयान राजनीति से प्रेरित है। गृह मंत्रालय ने एसएसबी को जरूरत पड़ने पर सैन्य बल बढ़ाने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है नेपाल में अलग राज्य की मांग पर थारू और गैर थारू के बीच हिंसा भड़क गई थी। नेपाल में मधेसियों और थारू के भारतीय मूल के होने की वजह से यह मसला सरकार के लिए काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

दखल का विरोध करता है नेपाल!

Nepal violence : increased surveillance at the border

यही वजह है कि खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर गृहसचिव से बातचीत कर हालात की समीक्षा की है। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हिंसा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से मंगलवार को फोन पर बात कर हालात को काबू में रखने को कहा।

गृहमंत्रालय इस बात से चिंतित है कि नेपाल के गृहमंत्री के बयान के बाद नेपाल में भारत विरोधी माहौल को हवा मिल सकती है। गौरतलब है कि नेपाल का एक बड़ा तबका राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारतीय मूल के लोगों के दखल का विरोध करता है।

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