नेपाल हिंसा: बार्डर पर बढ़ी चौकसी
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नेपाल में भड़की हिंसा के मद्देनजर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। नेपाल के गृहमंत्री बामदेव गौतम के भारतीय सीमा से आए घुसपैठियों पर लगाए गए हिंसा के आरोप पर गृह मंत्रालय सतर्क है।
एसएसबी के महानिदेशक बीडी शर्मा ने गृहसचिव के मुलाकात कर सीमा के हालात की जानकारी दी है। गौरतलब है कि गौतम के इस बयान पर भारत नेपाल से पहले ही नाराजगी जता चुका है।
बीडी शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि पूरे भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। शर्मा ने इस बात से इनकार किया कि पिछले कुछ दिनों में भारत की तरफ को बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई है।
एलर्ट रहने को कहा गया
शर्मा ने कहा कि उन्होंने नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स के प्रमुख और नेपाल
पुलिस के उच्चाधिकारियों से फोन पर बातचीत की है। भारत की तरफ पूरी सीमा पर
तैनात अधिकारियों को एलर्ट रहने को कहा गया है।
एसएसबी सूत्रों ने कहा
कि नेपाल के गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री गौतम का बयान राजनीति से प्रेरित
है। गृह मंत्रालय ने एसएसबी को जरूरत पड़ने पर सैन्य बल बढ़ाने का निर्देश
दिया है।
गौरतलब है नेपाल में अलग राज्य की मांग पर थारू और गैर थारू के
बीच हिंसा भड़क गई थी। नेपाल में मधेसियों और थारू के भारतीय मूल के होने
की वजह से यह मसला सरकार के लिए काफी संवेदनशील माना जा रहा है।
दखल का विरोध करता है नेपाल!
यही वजह है
कि खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर गृहसचिव से बातचीत कर हालात
की समीक्षा की है। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हिंसा के
तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील
कोइराला से मंगलवार को फोन पर बात कर हालात को काबू में रखने को कहा।
गृहमंत्रालय इस बात से चिंतित है कि नेपाल के गृहमंत्री के बयान के बाद
नेपाल में भारत विरोधी माहौल को हवा मिल सकती है। गौरतलब है कि नेपाल का एक
बड़ा तबका राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारतीय मूल के लोगों के दखल का
विरोध करता है।