भारतीय माओवादियों को प्रचंड की नसीहत, नेपाल से सीखें
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दस वर्ष तक नेपाल में हथियारबंद लड़ाई लड़ने वाले शीर्ष माओवादी नेता और नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने भारत में सशस्त्र संघर्ष के जरिए सत्ता पलट का सपना देख रहे माओवादियों को नसीहत देते हुए कहा है कि मैं उनसे कहना चाहता हूं कि किसा न किसी बिंदु पर उन्हें भी नेपाल के माओवादियों के रास्ते पर आना होगा। अब वह तय करके आएं या मजूबरी में आएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाल नीति की सराहना करते हुए प्रचंड ने कहा कि जहां पिछले सत्रह सालों तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने इतने नजदीक के पड़ोसी देश की यात्रा नहीं की, वहीं मोदी सत्ता संभालते ही तुरंत नेपाल आए। जो बिजली व्यापार समझौता पिछली कई सरकारें नहीं कर सकीं, वह हो गया जिसका नेपाल को काफी लाभ होगा।
मोदी ने जिस तरह नेपाल की संसद को संबोधित किया उसने भी लोगों में बदलाव की उम्मीद जगाई है। प्रचंड ने यह बात अमर उजाला से एक विशेष बातचीत में कही।
मोदी ने नेपाल की जनता में उम्मीद जगाई: प्रचंड
भारत के माओवादियों के साथ नेपाल के माओवादियों के रिश्तों पर बात करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी) के शीर्ष नेता प्रचंड ने कहा कि जब हम भूमिगत होकर सशस्त्र संघर्ष कर रहे थे, तब भारत के माओवादियों के साथ हमारा बेहद निकट का भौतिक, वैचारिक संवाद और सहयोग लगातार था।
लेकिन जब हमने शांति प्रक्रिया स्वीकार की और खुली संसदीय राजनीति में हिस्सा लिया उसके बाद हमारा न सिर्फ उनसे भौतिक सहयोग और संवाद खत्म हो गया, बल्कि वैचारिक रूप से भी हम अलग हो गए। भारत के माओवादी हमें दक्षिणपंथी और संशोधनवादी कहते हैं और हम उन्हें कठमुल्लेपन का शिकार होकर ऐसे रास्ते पर चलने वाला बताते हैं जिसका कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है।
प्रचंड ने कहा कि इसलिए हम उन्हें कहना चाहते हैं कि किसी न किसी बिंदु पर उन्हें भी हमारे रास्ते पर ही आना होगा। अब अगर हमारी तरह वह सुनियोजित तरीके से अपनी शर्तों पर इस रास्ते पर आएंगे तो फायदे में रहेंगे और अगर मजबूरी में आए तो नुकसान होगा। अब यह उन्हें तय करना है।
भारत में हिंदुत्ववादी भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर अपना नजरिया साफ करते हुए प्रचंड ने कहा कि हमारे लिए नेपाल केराष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत में किस पार्टी की सरकार है। जो सरकार नेपाल के हितों का ध्यान रखेगी हम उससे पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि एक साल में नेपाल की दो बार यात्रा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अच्छा संदेश दिया है।