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EXCLUSIVE: भूकंप में सामने आया 'किराए की कोख' का शर्मनाक सच

Sat, 02 May 2015 03:13 PM IST
Updated Sat, 02 May 2015 03:13 PM IST
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Nepal earthquake sensational reality of Surrogacy came out

विनाशकारी भूकंप से नेपाल में मची तबाही के बीच भारतीय महिलाओं की किराये की कोख (सरोगेसी) की सनसनीखेज कहानी सामने आई है। आपदा झेल रहे लोगों के बीच से इस्राइली सुरक्षाकर्मी 15 नवजात बच्चों को निकालकर विशेष विमान से अपने देश ले गए।

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दरअसल, ये बच्चे उन भारतीय माताओं के हैं जिनकी कोख सरोगेसी करार के जरिये इस्राइली नागरिकों ने किराए पर ले रखी थी। इस कार्रवाई का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि इस्राइली सुरक्षाकर्र्मियों ने बच्चों को जन्म देने वाली महिलाओं को नेपाल में उनके हाल पर ही छोड़ दिया।
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ये महिलाएं तीन से चार हफ्ते पहले ही मां बनी हैं। एक महिला ऐसी भी है, जो नौ महीने की गर्भवती है और कभी भी बच्चे को जन्म दे सकती है। ये मामले निजी होने के कारण भारतीय विदेश मंत्रालय इसमें हाथ नहीं डालना चाहता।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने अमर उजाला से कहा कि इस मामले का उनके मंत्रालय का कोई लेना देना नहीं है। जबकि इस्राइल ने अपने सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई को जायज ठहराया है। इस्राइली जोड़ों और नेपाल में रह रही भारतीय महिलाओं के बीच सरोगेसी करार के तहत पैदा हुए ये बच्चे तीन से चार हफ्ते के हैं।

तीन से चार हफ्ते पहले मां बनी महिलाओं को छोड़ गए बदहाल

Nepal earthquake sensational reality of Surrogacy came out

एक बच्चे ने तो भूकंप के बाद मेडिकल कैंप में जन्म लिया है। इन बच्चों के पिता इस्राइली समलैंगिक हैं, जो दुनिया भर में अपने बच्चे के लिए कोख ढूंढते हैं। भूकंप के दो दिन बाद गत मंगलवार को इस्राइली सुरक्षाकर्मी काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बेन गुरियोन जाने वाली फ्लाइट से इन बच्चों को ले गए।

इस बारे में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि यह मामला दो निजी व्यक्तियों के बीच का है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि वह भारतीय महिला विदेश में रह रही है। शुक्रवार को विदेश सचिव एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल द्वारा इस मामले की सुध लेने की उम्मीद की जा रही थी।

उधर, इस्राइल से मिली खबरों के अनुसार, वहां के अटॉर्नी जनरल येहुला विंसटीन ने अपने सुरक्षा बलों की इन करतूतों को जायज ठहराया है। तेल अवीव में उन्होंने कहा कि देश के आव्रजन (इमिग्रेशन) नियम सरोगेट माताओं को यहां आने की इजाजत नहीं देता। हालांकि उनकी सरकार उन महिलाओं को लाने की कोशिश कर रही है जिनकी कोख में इस्राइली नागरिकों का भ्रूण पल रहा है।

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