मझधार में फंसे, अब वो न हिंदू रहे, न मुसलमान
उत्तरप्रदेश के आगरा में धर्म परिवर्तित किए गए मुस्लिम परिवारों के सामने पहले ही कई मुश्किलें थीं कि अब एक और समस्या उनके सामने आ खड़ी है। अब ये नया विवाद धार्मिक अस्थिरता का है।
फर्स्ट पोस्ट में छपी खबर के अनुसार मुस्लिम से हिंदू बनाए गए ये मुस्लिम जब दोबारा नमाज पढ़ने पहुंचे तो उनसे कहा गया कि, ' हिंदू धर्म स्वीकार करने के लिए अल्लाह उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।'
इस मामले में एक तरफ मुस्लिम गांववालों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी की नहीं थी कि हिंदू दल उनसे जो काम करवा रहे हैं वह दरअसल धर्म परिवर्तन है।
लेकिन इस मामले में स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तित किए गए लोगों को निर्वासित करते हुए कहा है कि उन्होंने इस्लाम का मजाक उड़ाया है।
'मुस्लिम होने के लिए दोबारा धर्म परिवर्तित कराना होगा'
गांव के स्थानीय मुस्लिम नेता मुद्दासिर खान ने धर्म परिवर्तित किए गए मुस्लिम परिवारों को निशाना बनाते हुए कहा कि उन्होंने इस्लाम को शर्मसार किया है। और अब उन्हें मुस्लिम होने के लिए दोबारा धर्म परिवर्तित कराना होगा।
उन्होंने कहा कि, 'फिर से निकाह करो, अपने बच्चों को फिर से कुरान पढ़ाओ और अपनी बीवियों को पर्दे में रखो।' जब यह सब हो जाएगा उसी के बाद सब पर रहम बख्शा जाएगा।
स्थानीय नेता ने कहा कि, 'तुम लोगों ने अपराध किया है। तुम सभी को दोबारा निकाह करना होगा। और मुस्लिम होने के लिए वे सभी जरूरी नियमों का पालन करना होगा जो इस्लाम कुबूल करने के अंतर्गत पूरे करने होते हैं।
टीओआई की रिपोर्ट्स के अनुसार गांव के के ही धर्म परिवर्तित किए गए एक मुस्लिम इस्माइल, मौलाना मसरूर रजा कादरी के पैरों में गिर पड़े लेकिन मौलाना ने उनसे कहा कि, 'तुमने धर्म का मजाक बनाया है अल्लाह तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा।'
सुरक्षा की मांग
हालांकि हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ अन्य मौलवियों ने हिंदू दलों द्वारा किए गए इस धर्म परिवर्तन को मानने से इंकार किया है। उनका मामना है कि उन परिवारों के सभी लोग मुस्लिम ही रहेंगे। साथ ही साथ उन्होंने सरकार से उन सभी लोगों की सुरक्षा की मांग भी की है।
हिंदुस्तान टाइम्स ने मुफ्ती अब्दुल खुबेब रूमी के बयान को छापते हुए लिखा है कि जब धर्म परिवर्तित किए सभी लोगों के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने किसी भी तरह के धर्म परिवर्तन को मानने से इंकार करते हुए कहा कि वे सभी लोग मुस्लिम ही रहेंगे।
'उन्होंने कहा कि किसी भी दबाव के तहत किया गया कोई भी धर्म परिवर्तन मान्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि धर्म यकीन करने की चीज है और जब वे लोग ये मान ही नहीं रहे हैं कि वे हिंदू हैं तो उन्हें मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दोबारा धर्म परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी। '
पूरे घटनाक्रम के बाद पूरे गांव में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। धर्म परिवर्तित किए गए सभी मुस्लिम अब भी यही बात कह रहे हैं कि उन्हें हिंदू संगठनोंने यह कहकर बुलाया था कि वे राशन कार्ड बनवाएंगे।
इस मामले में राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के अध्यक्ष हाजी जमिलुद्दीन कुरैशी ने मोदी सरकार को दोष देते हुए कहा है कि इस सब के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। क्योंकि सरकार हिंदू दलों को इस तरह के काम करने से रोकने में विफल हो रही है।