भारत में लोकतंत्र पं. नेहरू की उपलब्धि थीः सोनिया
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 125वीं जयंती के मौके पर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने उनके कई महत्वपूर्ण योगदानों को याद किया।
125वीं जयंती के दो दिवसीय समारोह में बोलते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र लाना पं. नेहरू की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नेहरू स्वभाव से समाजवादी मिजाज से व्यक्तिवादी थे।
स्वतंत्रता में नेहरू के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भारत मात्र की स्वतंत्रता नहीं बल्कि पूरी मानव जाति को गुलामी से मुक्त कराना था। नेहरू पूरी तरह से भेदभाव के खिलाफ थे और ऊंच-नीच के खिलाफ यूएन में अपनी आवाज भी उठाई थी।
सोनिया ने कहा कि नेहरू का कहना था कि सही रास्ते पर चलते हुए हारना बुरे रास्ते से चलकर जीतने से अच्छा है। इसे मौके पर कई विदेशी नेताओं क्षेत्रीय दलों के नेताओं को बुलाया गया था।
एनडीए को छोड़ सबको मिला न्योता
गौरतलब है कि इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एनडीए के घटक दलों को छोड़कर देश के सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं को बुलाया गया था।
सम्मेलन में उपस्थित होने वाले नेताओं में सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी, आरएलडी प्रमुख अजित सिंह और जेडीयू के केसी त्यागी भी पहुंचे थे।
वहीं 52 देशों के नेताओं को भी इस मौके पर बुलाया गया। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले विदेशी नेताओं में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल, घाना के राज्य प्रमुख जॉन कुफूर, भूटान की महारानी दोर्जी वांगमो वांगचुक ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।