फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   nehru guilty for defeat in war with china said tipnis

चीन से युद्ध में पराजय के लिए नेहरू दोषी: टिपनिस

Tue, 20 Nov 2012 07:50 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 20 Nov 2012 07:50 PM IST
विज्ञापन
nehru guilty for defeat in war with china said tipnis

भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (रिटायर) एवाई टिपनिस ने 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध में पराजय के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया है। जंग के दौरान वायुसेना का इस्तेमाल नहीं किए जाने को लेकर चल रही बहस के बीच टिपनिस का यह बयान आया है।

विज्ञापन


‘भारत और चीन : 1962 जंग के पांच दशक बाद’ विषय पर आयोजित एक सेमिनार में टिपनिस ने आरोप लगाया कि नेहरू ने वैश्विक नेता बनने की अपनी महत्वाकांक्षा के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को नजरअंदाज किया था। हाल ही में मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा था कि यदि वायुसेना को आक्रामक भूमिका निभाने का मौका मिलता तो 1962 में चीन के साथ हुई जंग का परिणाम कुछ अलग होता।
विज्ञापन


टिपनिस ने मंगलवार को कहा कि भारत की पराजय में नेहरू का अहम योगदान था। 72 वर्षीय टिपनिस 31 दिसंबर 1998 से तीन साल तक वायुसेना प्रमुख रहे थे। चीन के साथ जंग से दो साल पहले 1960 में उन्हें फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में शामिल किया गया था। पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उन दिनों प्रधानमंत्री नेहरू सेना प्रमुख के साथ स्कूली बच्चों जैसा व्यवहार करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


1962 की जंग में वायुसेना का इस्तेमाल नहीं किए जाने पर सैन्य इतिहासकार और विशेषज्ञ बहस कर रहे हैं और यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि आखिरकार वायुसेना का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। ब्राउन ने कहा था कि वायुसेना को आक्रामक भूमिका निभाने की अनुमति नहीं थी और उसे केवल सेना को ट्रांसपोर्ट में सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया था। पिछले 50 सालों में इस बार 20 अक्तूबर को पहली बार भारत ने चीन के साथ हुई जंग की वर्षगांठ मनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed