नेहरू के पुरखों को मुस्लिम बनाने की कोशिश, सरकार पर उठे सवाल
पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दादा को मुस्लिम बनाने की कोशिश की गई। ये शरारत मशहूर वेबसाइट विकीपीडिया के पन्ने पर की गई। पन्ना पंडित जवाहर लाल नेहरू का 'प्रोफाइल पेज' था।
विकीपिडिया के पन्नों को एडिट करने वालों को ट्रैक करने वाले एक सॉफ्टवेयर से पता चला कि वेबसाइट पर मौजूद जवाहर लाल नेहरू के प्रोफाइल पेज पर केंद्र सरकार के आईपी (इंटरनेट प्रोटाकॉल) से एडिटिंग की गई।
सॉफ्टवेयर से पता चला कि एडिटिंग 26 मई को की गई। उस एडिटिंग में जवाहर लाल नेहरू के दादा गंगाधर नेहरू को मुस्लिम बताया गया। कांग्रेस ने एडिटिंग की खबरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है।
नेहरू के पेज पर सभी बदलाव एक ही आईपी एड्रेस से
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, जवाहर लाल नेहरू के पन्ने पर किए गए शरारतपूर्ण बदलावों को बाद में विकीपीडिया के वालेंटियर एडिटर्स ने सुधार दिया।
विकीपीडिया के पन्ने पर अज्ञात स्रोतों से की गई बदलावों की जानकारी देने वाले सॉफ्टवेयर को प्रणेश प्रकाश ने बनया है। साफ्टवेयर के ट्विटर हैंडल @AnonGoIWPEdits से बदलाव की जानकारी सार्वजनिक की गई।
सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी के पॉलिसी डायरेक्टर प्रणेश प्रकाश ने बताया कि नेहरू के पेज पर किए गए सभी बदलाव एक ही आईपी एड्रेस से किए गए थे। जबकि आईपी को whois.domaintools.com से वेरिफाई किया गया तो पाया गया कि ये नेशलन इंफार्मेटिक्स सेंटर का आईपी है। नेशलन इंफार्मेटिक्स सेंटर एक सरकारी संस्थान हैं।
विकीपीडिया के पेज पर नेहरू के दादा को बताया मुस्लिम
प्रकाश से पूछा गया कि क्या वेब पेज में बदलाव करने वाले व्याक्ति की पहचान की जा सकती है? तो उन्होंने कहा कि ये संभव नहीं है क्यों ये बता पाना बहुत ही मुश्किल है कि एनआईसी के नेटवर्क का इस्तेमाल कौन-कौन करता है।
नेहरु के पेज पर बदलाव करने वाले ने लिखा था कि गंगाधर नेहरू का जन्म एक मुसलमान के रूप में हुआ था, उनका नाम गयासुद्दीन गाजी था। अंग्रेंजों से बचने के लिए उन्होंने अपना नाम गंगा धर रख लिया।
गंगाधर के बेटे और जवाहर लाल नेहरू के पिता मोती लाल नेहरू के पेज पर बदलाव करके भी यही लिखा गया। जवाहर लाल नेहरू के पेज पर बदलाव करके भारत के अंतिम गवर्नर जनरल लार्ड माउंटबेटन की पत्नी एडविना माउंटबेटन के साथ उनके संबंधों के बारे में लिखा गया।
कांग्रेस ने मांगा प्रधानमंत्री मोदी से जवाब
प्रकाश ने कहा कि एनआईसी के कम्प्यूटर हैक भी किए जा सकते हैं, लेकिन इसकी बहुत कम संभावना है कि कोई विकीपीडिया के पेज में बदलाव के लिए ऐसा करेगा।
वहीं नेहरु के पन्ने पर बदलाव किए जाने की खबरों पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मामले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री बताएंगे कि पंडित जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं के पन्नों पर सरकारी आईपी से बदलाव क्यों किया गया।
उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू और मोती लाल नेहरू के विकीपीडिया के पन्नों में बदलाव किया गया। एक सरकार आईपी से इससे ज्यादा बुरा क्या किया जा सकता है।