फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Nefarious intent came to collapse NSA talks

नापाक इरादे से टूटने के कगार पर पहुंची NSA वार्ता

Sat, 22 Aug 2015 08:54 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 22 Aug 2015 08:54 AM IST
विज्ञापन
Nefarious intent came to  collapse NSA talks

भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए)स्तर की वार्ता रद्द होने के कगार पर पहुंच गई है। हुर्रियत नेताओं से मिलने की नापाक हठ पर उतारू पाकिस्तान पर बेहद सख्ती दिखाते हुए भारत ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की शर्तों पर वार्ता उसे मंजूर नहीं है।

विज्ञापन


भारत ने पाक को दो टूक कहा है कि वार्ता उफा में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की ओर से तय आतंकवाद और सीमा पर शांति बहाली के एजेंडे पर ही होगी।

शुक्रवार को दिन भर चले कूटनीतिक वार पलटवार के बाद देर शाम इस मामले में अपने रुख को बेहद कड़ा करते हुए भारत ने पाकिस्तान पर वार्ता की राह में अड़ंगा लगाने का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आतंकवाद के अलावा अन्य एजेंडे पर वह वार्ता की राह पर आगे नहीं बढ़ेगा।

विज्ञापन

नामुमकिन है वार्ता!

Nefarious intent came to  collapse NSA talks

इस कड़े संदेश के साथ ही एनएसए स्तर की वार्ता की गेंद भारत ने पाकिस्तान के पाले में डाल दी है। पाक की हठ पर भारत के तीखे रुख के बाद 23-24 अगस्त को प्रस्तावित एनएसए स्तर की वार्ता लगभग नामुमिकन होती दिख रही है।

हुर्रियत के अलगाववादी नेताओं से मुलाकात के बहाने वार्ता को तोड़ने की पाकिस्तान की चाल का पर्दाफाश करने के लिए इसलामाबाद में दिन भर चली दांवपेंच पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने बेहद तल्ख बयान दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जयपुर में एक सम्मेलन में शिरकत करने गए विकास स्वरुप ने पाक की आतंकवाद पर बातचीत में रुचि नहीं होने की पोल खोली।

जवाब देने में लगाए 22 दिन

Nefarious intent came to  collapse NSA talks

पाकिस्तान पर वार्ता की राह में अड़ंगा डालने की हरकतों पर उन्होंने कहा कि उसके इस रुख से भारत को हैरानी नहीं हुई है। वास्तव में उफा में दो चुने हुए राष्ट्र प्रमुखों के बीच आतंकवाद पर वार्ता के लिए बनी सहमति के बाद पिछले दिनों में जिस तरह के पैटर्न इसलामाबाद ने दिखाए हैं उसकी वजह से ही हालात आज इस मोड़ पर पहुंचे हैं।

स्वरुप ने पाकिस्तान पर वार्ता के प्रति संवेदनशीलता न अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उफा में बनी सहमति के बाद सीमा पार से आतंकी गतिविधियां तेज कर दी गई। पाकिस्तान ने नई दिल्ली में वार्ता की पेशकश का जवाब देने में 22 दिन लगा दिए।

इसके बाद अब पाकिस्तान पहले से सहमति के आधार पर तय आतंकवाद और सीमा पर शांति बहाली के एजेंडे के इतर नया एजेंडा खड़ा करना शुरू कर दिया। जबकि उसे पता है कि भारत वार्ता के दौरान किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को स्वीकार नहीं करेगा।

विज्ञापन

सरकार पर हावी है सेना

Nefarious intent came to  collapse NSA talks

प्रवक्ता ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता में केवल दो ही पक्ष हैं और तीसरे पक्ष यानी हुर्रियत को लाने की कोई गुंजाइश नहीं है। इस दौरान स्वरूप ने पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार पर सेना के हावी होने का भी इशारा किया।

उन्होनें कहा कि दोनों देशों के लोग यह जानने का हक रखते हैं कि वह कौन सी ताकतें हैं जो दो चुने हुए नेताओं के बीच बनी सहमति को ध्वस्त करना चाहते हैं। भारत ने इसके जरिए साफ संदेश दे दिया कि वास्तव में पाक सेना और आईएसआई पीएम नवाज शरीफ को कठपुतली बनाकर रखना चाहतीं और इन्हीं दोनों ने हुर्रियत के बहाने वार्ता में खलल डाली है।


बहरहाल एनएसए स्तर की वार्ता का सारा दारोमदार अब पाकिस्तान के भावी रुख पर कायम है। अगर पाकिस्तान अब भी हुर्रियत नेताओं से मिलने की जिद पर अड़ा रहा तो विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तरह ही एनएसए स्तर की वार्ता का भी रद्द होना तय है। इससे पहले भारत ने शुक्रवार सुबह पाकिस्तान को उफा में तय एजेंडे की याद दिलाई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हुर्रियत नेताओं से मुलाकात उफा की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत पर वार्ता से पूर्व शर्तें लादने का आरोप लगाया और हुर्रियत नेताओं को कश्मीर का असली प्रतिनिधि बताते हुए मुलाकात पर अड़े रहने की घोषणा की।

पाक की इस हठ के जवाब में ही जयपुर में सम्मेलन के बीच विशेष रुप से बाहर आकर विकास स्वरुप ने वार्ता रद्द करने की औपचारिक घोषणा की गेंद पाक के पाले में डाल दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed