देवी रूप में पूजी जाने वाली नीरू फिर जा पहुंची मंदिर
यूपी के आगरा में पिनाहट में जलसमाधि लेने की घोषणा से चर्चा में आई अमरसिंह के पुरा गांव की किशोरी की सेहत की जांच हुई। नए बने मंदिर में ही रहने और देवी रूप में पूजी जाने वाली नीरू को गत दिवस पुलिस ने घर पहुंचा दिया था।
वहीं रहने की हिदायत के बाद भी नीरू डाक्टरों की टीम के लौटते ही मंदिर पहुंच कर ‘तप’ (हवन) करने लगी। गांव की महिलाओं ने वहां कीर्तन भी शुरू कर दिया। हालांकि आज उन्हें रोकने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
बता दें, नीरू अमर सिंह का पुरा निवासी पूर्व अध्यापक हरीसिंह के सात बेटी और दो बेटों में 15 वर्षीय नीरू पांचवें नंबर की है। उसने सात दिन पहले दुग्धाभिषेक कराने और गांव के तालाब में जलसमाधि लेने का की इच्छा जताई थी।
ऐसा उसने सपने आई देवी का आदेश बताया था। सोमवार को ग्रामीणों ने उसका जल व दूध से अभिषेक किया। जल समाधि देने की तैयारी चल ही रही थी कि सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने मंदिर में बैठी बालिका को घर भिजवा दिया और उससे किसी बाहरी के मिलने पर रोक लगा दी। मंगलवार सुबह पिनाहट सीएचसी से डाक्टरों की टीम पहुंची और नीरू का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
दिया श्राप- अपमान करने वाले दंड भोगेंगे
उसे थोड़ी कमजोरी है। अधीक्षक डा. मनीष गुप्ता ने उसे नीबू का पानी पिलाया और उसके पिता हरी सिंह को उसके खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उसके पैर ठीक हैं हालांकि वह किसी के सामने खड़ी नहीं होती।
इस टीम के जाने के बाद नीरू दोपहर के समय मंदिर के चबूतरे पर हवन करने बैठ गई। वहीं, एसडीएम और क्षेत्राधिकारी ने बालिका के दोबारा तप पर बैठने और हवन करने की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
हवन करने मंदिर पहुंची नीरू ने कहा कि उसका और उसके परिवार का अपमान करने वाले दंड भोगेंगे। कहा, ‘मुझे मेरे भवन से निकालने वालों और मेरे पिता का अपमान करने वाली पुलिस को एक माह के अंदर इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा।’
हरी सिंह और उनकी पत्नी श्रीमति देवी ने बताया कि पुलिस ने अपने पक्ष में पत्र लिखवा लिया है। बार-बार जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। पिनाहट थाने के एक दरोगा पर उन्होंने धक्कामुक्की करने का भी आरोप लगाया।