राव को सम्मान देकर कांग्रेस को 'बेइज्जत' करेगी मोदी सरकार
भले ही कांग्रेस ने अपने इस प्रधानमंत्री को उनके कार्यकाल में ही जरूरी सम्मान नहीं दिया हो, लेकिन अब एनडीए सरकार उनकी सुध लेने जा रही है।
हम बात कर रहे हैं पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की। जिन्हें केंद्र सरकार देश के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में याद करते हुए स्मारक बनाने की योजना बना रही है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक शहरी विकास मंत्रालय की ओर से इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट की बैठक में रखा गया।
जिसमें मंत्रालय की ओर से आर्थिक उदारीकरण के अग्रदूत के रूप में कार्य करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के सम्मान में एक मेमोरियल एकता स्थल समाधि कॉम्प्लेक्स में बनाने की योजना बनाई है।
एनडीए में शामिल टीडीपी ने उठाया कदम
एनडीए के सहयोगी दल तेलगूदेशम पार्टी की ओर से ये प्रस्ताव लाया गया जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए ये योजना बनाई है।
टीडीपी की मानें तो कांग्रेस ने नरसिम्हा राव को पूरी तरह से भुला दिया। इतना ही नहीं उनके परिजनों को उनका अंतिम संस्कार हैदराबाद में करने के लिए दबाव डाला।
पूर्व प्रधानमंत्री राव के मेमोरियल को संगमरमर बनाने की योजना है। इसके साथ ही टीडीपी एक रिजोल्यूशन लाने पर विचार कर रही जिसमें तेलंगाना में राव का एक मेमोरियल बनाने पर विचार किया जा सकता है।
आपको बता दें कि अभी जिस एकता स्थल में पूर्व प्रधानमंत्री राव के लिए मेमोरियल बनाने पर विचार हो रहा है उसे फिलहाल पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी रहे ज्ञानी जैल सिंह के मेमोरियल के तौर पर जाना जाता है।
बता दें कि मई 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने अलग से मेमोरियल बनाने की मांगों पर रोक लगा दी थी। उस समय तत्कालीन कैबिनेट ने जगह की कमी के चलते एक कॉमन मेमोरियल ग्राउंड 'राष्ट्रीय स्मृति' बनाने का फैसला किया था।