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पुत्र विवाद मामला: हाईकोर्ट ने दिया एनडी तिवारी को झटका
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 23 Aug 2013 08:29 PM IST
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नई दिल्ली में हाईकोर्ट ने पुत्र विवाद मामले में कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी को झटका देते हुए उनका पक्ष सुनने से इंकार कर दिया।
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अदालत ने लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर तिवारी की तरफ से पेश किए जाने वाले साक्ष्यों की सुनवाई बंद कर दी।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने अपने फैसले में कहा तिवारी लोकल कमिश्नर के समक्ष अपने समर्थन में साक्ष्य पेश करने में फेल रहे है। उन्होंने कहा तिवारी को कई मौके दिए गए लेकिन उन्होंने साक्ष्य पेश नहीं किए।
ऐसे में तिवारी की तरफ से साक्ष्य पेश करने की सुनवाई बंद की जाती है। अदालत ने अन्य पक्ष के साक्ष्य पेश करने के लिए सुनवाई 18 सितंबर तय की है।
याची रोहित शेखर ने तिवारी को अपना जैविक पिता बताया था। तिवारी के इंकार करने पर अदालत के निर्देश पर रोहित उनकी मां उज्जवला शर्मा व तिवारी का डीएनए टैस्ट करवाया गया।
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डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने रोहित को तिवारी का जैविक पिता करार दिया। उधर, तिवारी ने डीएनए रिपोर्ट को चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश एसएम चोपड़ा को लोकल कमीश्नर नियुक्ति करते हुए तीनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
बार-बार समय प्रदान करने के बाद भी तिवारी ने साक्ष्य पेश नहीं किए बल्कि उनके अधिवक्ता ने सुनवाई हाईकोर्ट परिसर से बाहर करवाने का तर्क रख दिया।
वहीं, दूसरी तरफ रोहित के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि तिवारी ने कोर्ट को मजाक बनाकर रख दिया है, वे कोर्ट को गंभीरता से नहीं ले रहे।
उनका कहना है कि तिवारी का रवैया अवमानना पूर्ण रहा है और खंडपीठ भी अपने फैसले में तिवारी के रवैये को लेकर टिप्पणी कर चुकी है। तिवारी जानबूझ कर मामले को लंबित कर रहे है ताकि उनका मुवक्किल परेशान रहे।
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