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महिलाओं से रेप के मामले में मध्य प्रदेश और दिल्ली अव्वल

Fri, 21 Aug 2015 01:55 PM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 01:55 PM IST
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NCRB record shows MP and Delhi tops in Sex crime

मध्य प्रदेश देश का ऐसा राज्य है जहां महिलाओं के साथ सबसे अधिक रेप की घटना को अंजाम दिया गया है। यहां की महिलाएं शिवराज सिंह चौहान के राज में सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश के बाद अगर बात करें केंद्र शासित प्रदेशों की तो दिल्ली में सबसे ज्यादा रेप की घटनाओं को अंजाम दिया गया है।

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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा रेप के मामले दर्ज कराए गए हैं। यह आंकड़े साल 2014 में दर्ज हुए कुल रेप के मामलों को दर्शाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक देश के टॉप 10 राज्यों में सबसे पहले मध्य प्रदेश (5076) का नंबर आता है इसके बाद राजस्थान (3759), उत्तर प्रदेश (3467), महाराष्ट्र (3438), आसाम (1980), उड़ीसा (1978), पश्चिम बंगाल (1466), छत्तीसगढ़ (1436), केरला (1347) और कर्नाटक (1324) का नंबर आता है।
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इसके अलावा पश्चिम बंगाल ऐसा पहला राज्य है जहां सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ रेप करने की कोशिश की गई है। पश्चिम बंगाल में ऐसे कुल 1,656 मामले दर्ज हुए हैं। बिहार इसी मामले में 484 के साथ दूसरे और राजस्थान 373 मामलों के साथ तीसरे नंबर पर है।
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कानून में बदलाव का भी नहीं हुआ असर

NCRB record shows MP and Delhi tops in Sex crime

अगर बात करें केंद्र शासित प्रदेशों की तो दिल्ली से सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली में 2,096 रेप के मामले दर्ज किए गए हैं जो दूसरे नंबर के राज्य चंडीगढ़ (59) से करीब पैंतीस गुना ज्यादा है। इसके अलावा दिल्ली में महिलाओं की अस्मत लूटने के सबसे ज्यादा प्रयास किए जाते हैं।

दिल्ली में निर्भया कांड भी हुआ था जहां एक लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए रेप किया गया और उसे चलती बस से सड़क पर फेंक दिया गया था। इतना ही नहीं उसके एक पुरुष दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी। इस मामले के बाद एक जबर्दस्त आंदोलन हुआ और सरकार को मजबूरन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून में ठोस बदलाव करने पड़े।

अब जब पिछले साल हुए सेक्स अपराधों के आंकड़े सामने आए हैं तो इससे एक बार फिर दिल्ली का असली चेहरा सामने आया है। दिल्ली के लिए ये आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। शायद इसलिए ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले चुनावों में महिलाओं की सुरक्षा को अपना अहम मुद्दा बनाया था।

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