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कांग्रेस को आई ममता-पवार की याद, पर नहीं बनी बात

Fri, 23 May 2014 05:15 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 23 May 2014 05:15 PM IST
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NCP refuses to merge in congress

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के नेता कांग्रेस को एकजुट करने की कोशिश में जुट गए हैं। इसी के मद्देनजर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोर्चा संभाला है।

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उनका मानना है कि कांग्रेस को मजबूती देने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को फिर से कांग्रेस में लौटने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ कर गए सभी नेताओं को पार्टी में वापस आना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा।
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दिग्विजय ने कहा, "कांग्रेस और यूपीए दोनों ही उम्मीदों के मुताबिक सरकार नहीं चला सके और इस वजह से आरएसएस, बीजेपी और मोदी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा।"

एनसीपी का दो टूक

NCP refuses to merge in congress

हालांकि इस मुद्दे पर एनसीपी ने अपना रुख साफ कर दिया है। एनसीपी के कांग्रेस में विलय के कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के फॉर्मूले को एनसीपी नेताओं ने खारिज कर दिया।

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, "जब पवार कांग्रेस में थे तब पार्टी ने उनकी ताकत को नहीं माना। उस समय उन्हें तवज्जो नहीं दी गई। अब वो शरद पवार को वापस बुलाना चाहते हैं। जो किसी भी सूरत में संभव नहीं है।"

इसके साथ ही नवाब मलिक ने आगे कहा कि कांग्रेस को एनसीपी की ताकत का आभास होना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि हमारी अपनी कोई पहचान है।

एनसीपी की ओर से आए इस बयान के बाद ये साफ हो गया कि दिग्विजय सिंह का दांव कहीं ना कहीं फेल हो गया है। अब देखना होगा कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या होगी।

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