कांग्रेस को आई ममता-पवार की याद, पर नहीं बनी बात
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के नेता कांग्रेस को एकजुट करने की कोशिश में जुट गए हैं। इसी के मद्देनजर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोर्चा संभाला है।
उनका मानना है कि कांग्रेस को मजबूती देने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को फिर से कांग्रेस में लौटने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ कर गए सभी नेताओं को पार्टी में वापस आना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा।
दिग्विजय ने कहा, "कांग्रेस और यूपीए दोनों ही उम्मीदों के मुताबिक सरकार नहीं चला सके और इस वजह से आरएसएस, बीजेपी और मोदी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा।"
एनसीपी का दो टूक
हालांकि इस मुद्दे पर एनसीपी ने अपना रुख साफ कर दिया है। एनसीपी के कांग्रेस में विलय के कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के फॉर्मूले को एनसीपी नेताओं ने खारिज कर दिया।
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, "जब पवार कांग्रेस में थे तब पार्टी ने उनकी ताकत को नहीं माना। उस समय उन्हें तवज्जो नहीं दी गई। अब वो शरद पवार को वापस बुलाना चाहते हैं। जो किसी भी सूरत में संभव नहीं है।"
इसके साथ ही नवाब मलिक ने आगे कहा कि कांग्रेस को एनसीपी की ताकत का आभास होना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि हमारी अपनी कोई पहचान है।
एनसीपी की ओर से आए इस बयान के बाद ये साफ हो गया कि दिग्विजय सिंह का दांव कहीं ना कहीं फेल हो गया है। अब देखना होगा कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या होगी।