एनसीपी देगी लैपटॉप तो कांग्रेस बांटेगी टेबलेट
लोकसभा चुनाव में करारी हार झेल चुकी कांग्रेस-एनसीपी लोकलुभावन वादों के सहारे महाराष्ट्र की सत्ता में वापसी करना चाहती हैं। दोनों पार्टियों ने बृहस्पतिवार को अपने-अपने घोषणापत्र जारी किए, जिसमें वादों की झड़ी लगाई गई है।
कांग्रेस ने नौवीं कक्षा के छात्रों को टैबलेट बांटने और मुंबई के प्रवेशद्वार पर वसूले जा रहे टोल टैक्स को बंद करने का वादा किया है तो एनसीपी ने 12वीं पास छात्रों को लैपटॉप और कालेजों में मुफ्त वाई-फाई सुविधा देने की घोषणा की है।
एनसीपी ने कहा है कि अगर वह सत्ता में आई तो किसानों को पेंशन और राज्य परिवहन की बस डिपो में यात्रियों को मात्र 20 रुपये में खाना मिलेगा।
गठबंधन टूटने के बाद माना जा रहा था कि दोनों पार्टियों का चुनावी घोषणा पत्र काफी अलग होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
घोषणापत्र में वादों की बारिश
हालांकि कांग्रेस ने वादों की खैरात कुछ अधिक बांटी है, लेकिन टेबलेट, लैपटॉप, कालेजों में वाईफाई, किसान पेंशन, गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने के वादे समान हैं।
पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की ओर से जारी घोषणा पत्र में कांग्रेस ने छात्राओं के लिए स्नातक तक मुफ्त शिक्षा, महिलाओं के लिए अलग पुलिस चौकी और शिक्षा के अधिकार को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया है।
दूसरी ओर, एनसीपी ने ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय, स्कूल में डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम और सभी जिलों में हवाई पट्टी बनाने का वादा किया है।
कांग्रेस ने पुणे और नागपुर में आईआईटी संस्थान स्थापित करने की भी बात कही है तो एनसीपी ने नागपुर, औरंगाबाद और नासिक में मोनो रेल शुरू करने का वादा किया है।