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नक्सलियों की जेलों पर हमले की तैयारी

Wed, 18 Sep 2013 12:12 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 18 Sep 2013 12:12 AM IST
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naxals plan to attack on jail

नक्सलियों के शीर्ष नेता और सेंट्रल कमेटी सदस्य मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति की बरामद चिट्ठी ने गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों को गहरी चिंता में डाल रखा है।

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चिट्ठी से हुए खुलासे के आधार पर केंद्र सरकार ने सभी नक्सल प्रभावित राज्यों और जेल अधीक्षकों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किया है।

चिट्ठी से खुलासा हुआ है कि नक्सली जेल में बंद अपने साथियों की रिहाई के लिए तरह तरह के हथकंडे तैयार कर रहे हैं।

करीब तीन महीने पहले गणपति ने अलग अलग जोन के प्रमुखों को लिखा है कि वह जेल पर हमला कर अपने कैडर को छुड़ाने की ठोस योजना पर काम करें।

इसके अलावा जहां जेलों पर हमला संभव नहीं है, वहां मुकदमा लड़कर जमानत के जरिए उन्हें बाहर निकालने की व्यवस्था की जाए।

इतना ही नहीं जेल में बंद नक्सली भीतर ही धरना-प्रदर्शन और भाषण के जरिए अपनी बात को कैदियों के बीच फैलाएं। गणपति ने यह चिट्ठी छत्तीसगढ़ के अति दुर्गम अबूजमाड़ से लिखी है।
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पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पकड़े गए एक नक्सली के पास से यह चिट्ठी बरामद हुई है।

गौरतलब है कि करीब 4000 वर्ग किलोमीटर में फैले अबूजमाड़ के इस इलाके के भीतर सुरक्षा बल अब तक घुसने में कामयाब नहीं हो पाए हैं।

नक्सलियों ने इस इलाके के अपना फ्री जोन घोषित कर रखा है जहां उन्हीं का राज चलता है।

गृह मंत्रालय ने उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि केंद्र को बाकी राज्यों की नहीं लेकिन बिहार को लेकर काफी चिंता बनी हुई है।

अधिकारी के मुताबिक नक्सल प्रभावित सभी नौ राज्यों में पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान में नई मजबूती बनाई है। लेकिन बिहार ही ऐसा राज्य है जहां मूलभूत काम में भी कोताही बरती जा रही है।
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केंद्र के मुताबिक वहां का राजनीतिक और पुलिस नेतृत्व दोनों नक्सलियों के प्रति लगातार उदासीनता बरत रहे हैं।

गौरतलब है कि नक्सलियों ने 2005 में बिहार की जहानाबाद जेल पर हमला कर जबरदस्त कत्लेआम किया था और वे अपने 60 साथियों को छुड़ा ले गए थे।

दिल्ली, रांची, रायपुर, हैदराबाद, नागपुर, पटना, जहानाबाद और भुवनेश्वर की जेलों में कई नक्सली कैद हैं। इनमें मोती लाल सोरेन, विष्णु, वरनासी सुब्रह्मण्यम, सुबोध, शीला मरांडी उर्फ शोभा जैसे बड़े और पुराने नक्सली प्रमुख हैं।

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