खुलासा! नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे हैं नक्सली
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लोकसभा चुनाव में खलल पैदा करने के मकसद से नक्सली भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत कई क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नेताओं की हत्या की योजना पर काम कर रहे हैं। साथ ही नक्सलियों की योजना चुनावी क्षेत्रों में तैनात होने वाले सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाने की भी है।
बीते नवंबर में चार राज्यों के साथ नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में हुए चुनाव में बहिष्कार के ऐलान का कोई असर नहीं होने से बौखलाए नक्सली इस बार खून खराबे पर उतारू हैं। इस बाबत गृह मंत्रालय चुनाव आयोग के साथ जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक करेगा।
खतरनाक योजना के ठोस सबूत मिले
गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को 2 फरवरी को झारखंड के गायबथान जंगल में हुई कार्रवाई के दौरान नक्सलियों की इस खतरनाक योजना के ठोस सबूत मिले हैं।
गृह मंत्रालय के मुताबिक नक्सलियों ने राजनीतिक दलों के उन नेताओं की पहचान भी कर रखी है, जिन्हें निशाना बनाया जा सकता है। मगर सुरक्षा के मद्देनजर यह पहचान गुप्त रखी गई है।
मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी सभी नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को भेज दी है। केंद्र ने इन राज्यों को निर्देश दिया है कि चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के खास इंतजाम अभी से ही करना शुरू कर दें।
नेताओं को अगवा करने की भी है योजना
सुचारु चुनाव के लिए मंत्रालय ने राज्यों को सभी केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया है। राज्यों को लिखी चिट्ठी में केंद्र सरकार ने कहा है कि नक्सल नेतृत्व ने अपने कैडर को सुरक्षाकर्मियों के हथियार लूटने और गोला बारूद के इंतजाम में लग जाने को कहा है।
झारखंड के जंगल में एजेंसियों को ऐसे कागजात मिले हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश-ओडिशा बार्डर स्पेशल जोन कमेटी द्वारा इस पूरी योजना को अंजाम देने की बात लिखी गई है। यह कमेटी नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों की हत्या के साथ उन्हें अगवा करने की योजना पर भी काम कर रही है।
मंत्रालय अधिकारी के मुताबिक 7 जनवरी को आत्मसमर्पण किए दंडकारण्य स्पेशल जोन कमेटी के प्रवक्ता और खतरनाक नक्सल उड़सा यूसेंडी ने पूछताछ में बताया है कि चुनाव के दौरान दूर दराज इलाकों में सुरक्षा कर्मियों की कम तैनाती का फायदा उठाना उनकी मुख्य योजना में शामिल है।