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छत्तीसगढ़: नक्सली हमले में 14 जवान शहीद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 02 Dec 2014 10:34 AM IST
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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 14 जवान शहीद हो गए हैं। इनमें डिप्टी कमांडेंट बीएस वर्मा और असिस्टेंट कमांडेंट राजेश कपूरिया भी शामिल है। इसके अलावा दर्जन भर से ज्यादा जवान घायल भी हुए हैं।
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इसी क्षेत्र में करीब 10 दिन पहले भी सुरक्षा बलों पर हमला किया गया था, जिसमें पांच से ज्यादा जवान घायल हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हमले की कड़ी निंदा की है।
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मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'सुकमा में राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा किए गए क्रूर और अमानवीय हमले की निंदा के लिए शब्द काफी नहीं हैं।'
इसी साल 11 मार्च को भी सुकमा जिले में नक्सली हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 11 सीआरपीएफ के जवान थे।
राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बताया, "ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सीआरपीएफ के 14 जवान शहीद हुए हैं जबकि 12 अन्य घायल हुए हैं।" सीआरपीएफ के काफिले में 223 और 206 बटालियन और इसकी कमांडो यूनिट कोबरा के जवान शामिल थे।
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छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दक्षिणी बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों में चिंतागुफा के पास बड़ी संख्या में मौजूद नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के काफिले पर सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे हमला कर दिया।
सुरक्षा बल के जवान क्षेत्र में कई दिन तक चले नक्सल विरोधी ऑपरेशन के बाद वापस लौट रहे थे। नक्सली जंगलों में से छिपकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहे थे। हमले में 13 जवानों की तो मौके पर ही मौत हो गई। दोपहर करीब 2 बजे तक चले एनकाउंटर में सीआरपीएफ के जवानों की जवाबी कार्रवाई में कई नक्सली भी घायल हुए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे कायरतापूर्ण कृत्य बताया। सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा ढाल बनाया हुआ था और इस वजह से जवानों को हमले का जवाब देने में दिक्कतें हो रहीं थीं। कई जवानों को गोलियां लगी हैं, जिन्हें मंगलवार को एयरलिफ्ट कर जगदलपुर और रायपुर पहुंचाया जाएगा।
इसी हिंसा प्रभावित क्षेत्र में नक्सलियों ने 2010 में बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था, जिसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब पूर्व विदेश सचिव श्याम शरण की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को राज्य के दौरे पर था। इस प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर और दंतेवाड़ा का दौरा किया था और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।