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नक्सली हमले पर आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस

Sun, 26 May 2013 10:19 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 26 May 2013 10:19 PM IST
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naxal attack congress bjp

छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने सामने आ गए हैं।

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भाजपा ने जहां नक्सलवाद के मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत देते हुए इस समस्या से निपटने के लिए एकीकृत कार्ययोजना बनाने की मांग की है।

वहीं कांग्रेस ने सुरक्षा चूक का सवाल उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से जवाबदेही लेने की मांग की है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का भी लगातार मांग कर रही है।

आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे।

यहां इस हमले में गंभीर रूप से घायल पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला को भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद लगातार चुप्पी साधती आ रही भाजपा की ओर से दोपहर बाद अचानक बयान आने शुरू हो गए।
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वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोक सभा में प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद सहित कई नेताओं ने इस हमले की निंदा की।
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इसके साथ ही इन नेताओं ने इस मामले में राजनीति न करने की नसीहत दी। इस बीच, भाजपा ने सरकार के खिलाफ 27 मई से शुरू होने वाले अपने जेल भरो आंदोलन को स्थगित कर दिया है।

राजनाथ और सुषमा ने कहा कि नक्सली समस्या देश की समस्या है। किसी एक राज्य के वश में इस समस्या का समाधान नहीं है।

पार्टी शुरू से ही इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों की एकीकृत कार्ययोजना बनाने की मांग करती रही है।

इस घटना के बाद अब केंद्र सरकार को इस दिशा में सोचना चाहिए। इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। मगर दिल्ली में पार्टी नेताओं ने भाजपा पर तीखे हमले किए।

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और जगदंबिका पाल ने कहा कि राज्य सरकार को इस हमले की जवाबदेही लेनी चाहिए। यह घटना खुफिया जानकारी उपलब्ध होने के बाद भी हुई।


सुरक्षा की चूक के कारण पार्टी के बड़े नेताओं की हत्या हुई। इसलिए राज्य सरकार को हर हाल में इसकी जवाबदेही लेनी होगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि फिलहाल पूरी पार्टी शोक में डूबी है। पार्टी शोक से उबरने के बाद राज्य सरकार से जरूरी सवाल पूछेगी।

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