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नक्सली हमले की जांच पर राजनीति की 'आंच'

Wed, 29 May 2013 11:12 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 29 May 2013 11:12 PM IST
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naxal attack chhattisgarh probe congress bjp conflict

छत्तीसगढ़ की नक्सली घटना की जांच कराने के स्वरूप को लेकर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने केंद्र सरकार की एनआईए जांच के ऐलान पर उंगली उठा दी है। भाजपा के इस तेवर के बाद अब इस मामले पर सियासत तेज हो गई है।

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छत्तीसगढ़ के दौरे पर गये भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी कह चुके हैं कि कांग्रेस को यदि प्रदेश सरकार की जांच पर कोई ऐतराज है, तो केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच करा सकती है।
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दरअसल, प्रदेश सरकार इस घटना की हाईकोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराने का ऐलान कर चुकी है। जबकि केंद्र सरकार ने एनआईए से जांच कराने की घोषणा कर दी है।

भाजपा एनआईए जांच से सहमत नहीं है। पार्टी का मानना है कि एनआईए भी सीबीआई की तरह केंद्र सरकार के कहने पर चलेगी। ऐसे में इस घटना का पूरा दोषारोपण रमन सिंह सरकार के सर मढ़ा जा सकता है।
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पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आतंकवाद और माओवाद को नासूर बना चुकी कांग्रेस अब इस दुखद घटना पर भी राजनीति कर रही है।

एक ओर भाजपा ने अपना जेल भरो आंदोलन स्थगित कर दिया, दूसरी ओर कांग्रेस जश्न मना रही है। उसके गृहमंत्री अमेरिका में जमे रहे, जबकि प्रधानमंत्री जापान की सैर पर चले गये।

उन्होंने कहा कि आखिरकार गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे विदेश में क्या कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा सरकार ने न्यायिक जांच का ऐलान किया तो कांग्रेस एनआईए जांच के नाम पर अब रोड़े अटकाने लगी है।

इधर, इंदौर में पार्टी के महासचिव राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश व चरणदास महंत के बयानों पर सफाई देनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के कई सदस्य भी नक्सलियों का समर्थन करते रहे हैं। इसलिए सरकार को इन सदस्यों को लेकर भी स्थिति साफ करनी चाहिए।

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