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छत्तीसगढ़ सरकार ने कबूली सुरक्षा में चूक की गलती

Wed, 29 May 2013 11:02 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 29 May 2013 11:02 PM IST
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naxal attack chhattisgarh government admitted fault of security lapses

छत्तीसगढ़ सरकार ने कांग्रेस की परिवर्तन रैली की सुरक्षा में चूक की अपनी गलती कबूल की है।

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नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं की मौत के बाद हालात की समीक्षा करने रायपुर पहुंचे केंद्र के आला अधिकारियों के समक्ष प्रदेश के अधिकारियों ने माना कि कांग्रेस की परिवर्तन रैली के दौरान खतरनाक इलाके में सुरक्षा के लिए पालन किए जाने वाले अति महत्वपूर्ण नियम (एसओपी) का पालन नहीं हुआ।

प्रदेश सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि खुफिया जानकारी होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां थीं। छत्तीसगढ़ सरकार के इस बेबाक कबूलनामे के बाद केंद्र सरकार अब आरोप प्रत्यारोप को तूल दिए बिना प्रदेश सरकार के साथ मिलकर नक्सल विरोधी अभियान की आगे की रणनीति पर काम करने के पक्ष में है।
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छत्तीसगढ़ से लौटे गृहमंत्रालय के उच्चपदस्थ अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी गलती स्वीकार कर दो बड़े पुलिस अधिकारियों का तबादला और एसपी को निलंबित कर दिया है।
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हालांकि अधिकारी ने हैरानी जताई कि सुकमा जैसे खतरनाक इलाके में पूरी परिवर्तन रैली की सुरक्षा थाने स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही थी।

गौरतलब है कि गृहसचिव आर के सिंह, खुफिया विभाग आईबी के निदेशक एस एम इब्राहिम, सीआरपीएफ के अपर महानिदेशक और नक्सल मैनेजमेंट के संयुक्त सचिव एमएएस गणपति ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ का दौरा किया।

इन अधिकारियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे हालात पर लंबी चर्चा की। इस दौरान घटना की परतें खुलीं और राज्य शासन को अपनी चूक स्वीकारनी पड़ी।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में राज्य सरकार की ओर से खुफिया जानकारी की अनदेखी पर गंभीर चर्चा हुई। केंद्र को मिली जानकारी के मुताबिक कटकम सुदर्शन नामक नक्सली नेता पिछले कुछ महीनों से बड़ी वारदात की ताक में था और यह बात सभी नक्सल प्रभावित राज्यों को बताई गई थी।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में हत्याकांड के पीछे की राजनीतिक साजिश की हो रही व्यापक चर्चा पर भी सवाल जवाब हुए। अधिकारी ने बताया कि एनआईए घटना के इस पहलू की भी जांच करेगी। हालांकि गृहमंत्रालय फिलहाल राजनीतिक साजिश की थ्योरी को गंभीरता से नहीं ले रहा है।


अधिकारी ने बताया कि नक्सल इलाके में एसओपी का पालन नहीं करना आम बात है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कमी के साथ राज्य सरकार की कोताही केंद्र के लिए कोई नई बात नहीं।

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