{"_id":"3cb1c0f2-35f4-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"naxal-affected-tribal-village-will-join-highway","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे नक्सल प्रभावित आदिवासी गांव","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे नक्सल प्रभावित आदिवासी गांव
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 24 Nov 2012 10:33 AM IST
विज्ञापन
देश के 82 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की योजना के तहत अब 250 से ऊपर की आबादी वाले गांवों को इस योजना से शामिल किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक बृहस्पतिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी इलाकों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत लाभांवित करने के लिए नियम में ढील दी गई है।
विज्ञापन
रमेश ने बताया कि पीएमजीएसवाई के तहत अभी तक 500 की आबादी वाले गांवों को ही इस योजना का लाभ मिल रहा है, लेकिन मंत्रिमंडल के इस निर्णय से अब उन आदिवासी बहुल गांवों को लाभ मिल सकेगा, जो न सिर्फ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है, बल्कि उनकी आबादी 250 है। सरकार की इस योजना से आदिवासी क्षेत्रों का नक्शा बदलने की संभावना है। इस योजना का सर्वाधिक 75 फीसदी लाभ अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड जैसे राज्यों को मिलेगा। नियमों में ढील दिए जाने से लगभग 400 बसावटों के लाभांवित होने की संभावना है।
विज्ञापन
जयराम के मुताबिक पीएमजीएसवाई का दूसरा चरण शुरू हो गया है। इस चरण में पीएमजीएसवाई सड़कों का नवीनीकरण किया जाना है, लेकिन इस चरण का लाभ उन्हीं राज्यों को मिलेगा जिन राज्यों ने पहले चरण के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। मौजूदा समय में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा आदि ऐसे राज्य हैं, जिन्होंने पीएमजीएसवाई के लक्ष्य को पूरा करते हुए गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का काम पूरा कर लिया है। उम्मीद है कि अगले वर्ष तक केरल और मध्य प्रदेश भी पहले चरण के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे।
विज्ञापन