नवाज शरीफ ने कुबूला मोदी का न्योता
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देश के मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ का आना तय हो गया है। शरीफ ने भारत का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
शरीफ के भारत आने को लेकर दो दिनों तक चली रस्साकशी के बाद शनिवार को पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया पाक पीएम 26 मई को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से यह बड़ी खबर आई है।
151 भारतीय मछुआरे होंगे रिहा
शरीफ के भारत आने के साथ ही पाकिस्तान में कैद भारतीय मछुआरों के लिए भी अच्छी खबर आई है। पाकिस्तान 151 भारतीय मछुआरों को रिहा करेगा। इन मछुआरों को बाघा बॉर्डर के रास्ते भारत भेजा जाएगा। ये सभी मछुआरे सोमवार को अपनी सरजमीं में कदम रखेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के अलावा नवाज शरीफ नरेंद्र मोदी के साथ अलग से मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत करेंगे।
पाकिस्तान सरकार के सूत्रों का कहना है कि नवाज शरीफ अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात करेंगे। नवाज शरीफ 26 मई की सुबह दिल्ली पहुंच जाएंगे।
भारत के राजनीतिक दलों ने किया स्वागत
भारत के तमाम राजनीतिक दलों ने भी नवाज शरीफ के भारत आने के फैसले का स्वागत किया है। जेडीयू के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि वे नवाज शरीफ के इस फैसले का स्वागत करते हैं और साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के प्रति मोदी के बदले रुख का भी स्वागत किया है। पूरे चुनाव अभियान के दौरान मोदी का पाकिस्तान के प्रति रुख बेहद आक्रामक था।
बीजेपी के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि यह बहुत अच्छी खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत का न्योता स्वीकार कर लिया है। वहीं कांग्रेस नेता शकील अहमद का कहना है कि नवाज शरीफ की भारत यात्रा से उनकी पार्टी को कोई दिक्कत नहीं है लेकिन पाकिस्तान के साथ किसी तरह की कोई गंभीर बातचीत नहीं होनी चाहिए।
शकील अहमद का कहना है पाकिस्तान ने हाल में ही हमारे दो सैनिकों की बॉर्डर पर हत्या कर दी थी। इस बात को भी श्री मोदी को ध्यान में रखना चाहिए। नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए शकील अहमद ने कहा कि शरीफ के साथ मोदी को फोटो खिंचाने के लिए तो ये अच्छा मौका है लेकिन किसी तरह की कोई गंभीर चर्चा का ये सही वक्त नहीं है।
हाफिज सईद ने श्ारीफ को चेताया था
इससे पहले नवाज शरीफ के भारत आने को लेकर अलग-अलग अटकलें लगाई जा रहीं थी। उनकी पार्टी पीएमएल (एन) ने पहले ही शरीफ के भारत आने का संकेत दे चुकी थी।
हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर थी कि पाक सेना नहीं चाहती कि शरीफ भारत जाएं। इसको लेकर सरकार और सेना के बीच बातचीत चल रही थी।
वहीं, जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने भी ट्वीट करके नवाज शरीफ को चेताया था कि वे भारत ना जाएं। सईद ने कहा था कि अगर शरीफ भारत जाएंगे तो कश्मीरियों की हिमायत पर इसका असर पड़ेगा।