अमन और सहयोग की उम्मीद लेकर लौटे नवाज
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद अमन और सहयोग की उम्मीद के साथ दिल्ली से विदाई ली। वतन वापसी से पहले पाकिस्तानी पीएम ने मोदी से अपनी बातचीत को ऐतिहासिक, स्वस्थ और रचनात्मक करार दिया।
उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच अमन और सहयोग बढ़ने की उम्मीद लिये ऐतिहासिक शहर दिल्ली से वापस जा रहे हैं। मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद नवाज मुस्कुराते और हाथ हिलाते हुए मुखातिब हुए।
उनके साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी थीं। शरीफ ने पत्रकारों से कहा कि मोदी से गर्मजोशी से बात हुई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इसे ऐतिहासिक घटना करार दिया।
'लाहौर मुलाकात से आगे बढ़ेंगे'
मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में खास तौर पर शरीक होने आए शरीफ ने कहा, ‘ हम रिश्तों का सूत्र उसी 1999 के उस लाहौर घोषणा से उठाना चाहते हैं, जहां इसे छोड़ा गया था।
दोनों देशों के बीच शक-ओ-शुबहे का जो दौर चला आ रहा है उसे पीछे छोड़ना होगा। भारत और पाकिस्तान का एक साझा एजेंडा है और दोनों अमन और आर्थिक स्थिरता की तलाश में हैं।
द्विपक्षीय बातचीत में शरीफ ने साझा मूल्यों और रवायतों को मजबूत करने की बात की। उन्होंने भारतीय उप महाद्वीप से गरीबी और अशिक्षा को खत्म करने पर जोर दिया। नवाज ने दोनों मुल्कों के बीच हथियारों की होड़ की निंदा की और इसमें पैसों और संसाधनों की बर्बादी पर अफसोस जताया।
दोस्ताना माहौल में हुई मुलाकात
शरीफ ने कहा, मेरी सरकार सहयोग की भावना के साथ भारत के साथ सभी मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है। मैं यह अपील करता हूं कि हमें अपने रिश्तों की धुरी टकराव के बजाय सहयोग को बनाना चाहिए। हम एक दूसरे पर तोहमत मढ़ने से बाज आएं।
शरीफ ने दोनों देशों के रिश्तों की गहराई पर जोर दिया। उन्होंने कहा, मैंने इस बात पर जोर दिया कि हम दोनों ने (मोदी और शरीफ) अपने-अपने देश में स्पष्ट जनादेश से शुरुआत की है। यह दोनों देश की डेढ़ अरब अवाम की उम्मीदों को पूरा करने का बेहतरीन मौका है।
दोनों देश के लोग चाहते हैं हम उनकी बेहतरी के कदम उठाएं। भारतीय प्रधानमंत्री से हमारी बातचीत गर्मजोशी भरे और दोस्ताना माहौल में हुई। बातचीत के मुद्दे के बारे में पूछने पर शरीफ ने कहा कि शांति और सुरक्षा कायम किए बगैर दोनों देशों का साझा एजेंडा पूरा नहीं हो सकता।
मोदी से मुलाकात के बाद शरीफ खुश
लिहाजा हमारा मिल कर काम करना जरूरी है। हम टकराव को सहयोग में बदल दें। पाकिस्तान सरकार का पूरा जोर सहयोग की भावना पर है।
दोनों देश के लोग चाहते हैं कि संदेह और दुश्मनी का माहौल खत्म हो। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी भावनाएं समझीं और इस पर सहमति जताई।
उन्होंने भी कहा कि शांति और विकास जैसे साझा उद्देश्य के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इस द्विपक्षीय एजेंडे का आगे ले जाने की अपील की। शरीफ ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी अपनी मुलाकात का जिक्र किया।
मजबूत रिश्तों पर दोनों की सहमति
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से बेहद गर्मजोशी और दोस्ताना अंदाज में बात हुई।
पाकिस्तान वापस लौटने के दौरान शरीफ ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक शहर से इस मजबूत अहसास के साथ लौट रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के लोग शांति और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।
इस विदाई संदेश के बाद नवाज अपने दल के साथ पाकिस्तान वायु सेना की विमान से लौट गए।