फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Nawaz sharif announced on indo-pak rilation

सियासी शिगूफा है नवाज की घोषणा, तवज्जो नहीं दे रहा भारत

Mon, 30 Nov 2015 04:21 AM IST
Updated Mon, 30 Nov 2015 04:21 AM IST
विज्ञापन
Nawaz sharif announced on indo-pak rilation

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बिना शर्त बातचीत की घोषणा को भले ही भरपूर चर्चा मिल रही हो, मगर भारत इसे फिलहाल इस घोषणा को महज सियासी शिगूफा ही मान रहा है।

विज्ञापन


यही कारण है कि भारत ने फिलहाल नवाज की इस घोषणा को तवज्जो न देने की रण्नीति के तहत आगे बढ़ कर जवाबी सकारात्मक प्रतिक्रिया से खुद को बचाए रखा है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि अगर नवाज अपने घोषणा के प्रति वाकई संजीदा होते तो इस घोषणा के साथ ही इस संबंध में आधिकारिक प्रस्ताव भेजे जाने का भी संदेश देते।
विज्ञापन


इसके अलावा चूंकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर बातचीत पर अड़े रह कर ऊफा में तय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत को पटरी से उतार दिया था। इसलिए भी भारत नवाज की इस घोषणा को सियासी शिगूफे से ज्यादा अहमियत देने केलिए तैयार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि इसके बाजवूद भारत फिलहाल नवाज के घोषणा के बाद पाकिस्तान के भावी रुख का इंतजार कर है। गौरतलब है कि नवाज ने शनिवार को अचानक भारत केसाथ बिना शर्त बातचीत के लिए पाकिस्तान के तैयार होन होने की घोषणा कर एकबारगी सबको चौंका दिया था।

आधिकारिक प्रस्ताव के बाद ही सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा भारत

Nawaz sharif announced on indo-pak rilation

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत नवाज की घोषणा पर हड़बड़ी दिखाने के मूड में नहीं है। दरअसल ऊफा में प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बिंदुओं पर बनी सहमति के बाद नवाज ने जिस प्रकार वादे से पीछे हटे, उससे उनकी घोषणा पर एतबार करना मुश्किल है।

उक्त अधिकारी के मुताबिक ऊफा की सहमति से हटने और बातचीत का दरवाजा बंद होने के बाद पाकिस्तान लगातार वैश्विक मंच पर न सिर्फ कश्मीर के मुद्दे को जोरशोर से उठा रहा है, बल्कि भारत पर खुद के खिलाफ आतंकी कार्रवाई का आरोप भी लगा रहा है। ऐसे में जब रिश्ते तनाव भरे हों, तब अचानक बिना शर्त बातचीत की घोषणा पर सहज एतबार करना संभव नहीं है।

हालांकि उक्त अधिकारी ने माना कि इस घोषणा के बाद भारत पूरे मामले में बारीकी से नजर रखे हुए है। उसे पाकिस्तान के भावी कदम का इंतजार है। उक्त अधिकारी के मुताबिक अगर वाकई घोषणा में ईमानदारी होगी तो पाकिस्तान की ओर से इस आशय का आधिकारिक प्रस्ताव भी आएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed