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कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका की शरण में नवाज शरीफ

Sun, 20 Oct 2013 07:17 PM IST
एजेंसी/दिल्ली
एजेंसी/दिल्ली Updated Sun, 20 Oct 2013 07:17 PM IST
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nawaz shareef want american interfere in kashmir issue
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि अमेरिकी हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे का समाधान हो जायेगा।
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अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर जा रहे श्री शरीफ ने लंदन में ठहराव के दौरान कल कहा कि जुलाई 1999 में कारगिल संघर्ष के समय अमेरिकी यात्रा के दौरान उन्होंने उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से स्पष्ट कहा था कि यदि अमेरिका हस्तक्षेप करेंगा तो कश्मीर मुद्दे का समाधान हो जायेगा।

शरीफ ने कहा मैंने उनसे कहा था कि यदि वह पश्चिम एशिया पर 10 प्रतिशत समय खर्च करे तो दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे का समाधान हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि श्री क्लिंटन ने वादा किया था कि वह इस दिशा में कुछ सोचेंगे लेकिन इसके बाद चीजें बदल गई।

शरीफ ने कहा कि हालांकि भारत इस तरह के किसी हस्तक्षेप को नहीं चाहता है लेकिन दुनिया की शक्तियों को इस मुद्दे के समाधान के लिए आगे आना चाहिए।

शरीफ ने कहा कि पिछले 60 वर्ष से दोनों देश हथियारों की होड में उलझे हुए है। उन्होंने कहा.. स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है। भारत के पास परमाणु बम है इसलिए हमने भी ऐसा किया।
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भारत ने मिसाइले विकसित की तो हमने भी ऐसा किया लेकिन इसकी कोई सीमा होनी चाहिए। हम सभी को इस संबंध में सोचना चाहिए।

तीसरे पक्ष की मध्यस्थता किसी हालत में मंजूर नही: भाजपा

भाजपा ने कश्मीर मुद्दे पर अमरीका से मध्यस्थता की पाकिस्तान की कोशिश पर कडी प्रतिक्रिया करते हुए कहा है कि इस मामले में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि पार्टी का शुरू से ही दृढ रूख रहा है कि इस मुद्दे पर कोई भी बातचीत द्विपक्षीय होगी और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को पार्टी सिरे से खारिज करती है।


उन्होंने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी अपील करते हैं कि वह इस मुद्दे से दूर रहे हैं और यदि वह इसमें दखलंदाजी करते हैं तो यह माना जायेगा कि अमरीका पक्षपात कर रहा है।
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