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सिद्धू को ज्यादा भाव देने के मूड में नहीं है भाजपा

Fri, 12 Apr 2013 12:02 AM IST
हरीश लखेड़ा/नई दिल्ली
हरीश लखेड़ा/नई दिल्ली Updated Fri, 12 Apr 2013 12:02 AM IST
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navjot singh sidhu sidelined by bjp

कभी वाघा बॉर्डर से अमृतसर लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजने वाली भाजपा अब सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को अब ज्यादा भाव देने के मूड में नहीं है।

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यहां तक कि आगामी लोकसभा चुनाव में सिद्धू को टिकट देने के बारे में भी भाजपा दुविधा में है।

सिद्धू से नाराज पार्टी अमृतसर से लोकसभा चुनाव के लिए नया चेहरा भी तलाशने लगी है।

सिद्धू को इस बार राजनाथ की टीम में जगह नहीं मिल पाई है।

वह नितिन गडकरी की टीम में राष्ट्रीय सचिव थे, लेकिन संगठन और अपने संसदीय क्षेत्र अमृतसर के प्रति उनके उदासीन रवैये के चलते उन्हें नई कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया गया।
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सूत्रों के अनुसार सिद्धू इस बार भी संगठन में महत्वपूर्ण ओहदा चाहते थे और अगला लोकसभा चुनाव दिल्ली से लड़ने की इच्छा जता चुके थे।

जबकि राजनाथ सिंह ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे इस चुनावी साल में ग्लैमर चेहरों की बजाए संगठन के लिए काम करने वालों को तवज्जो देंगे।

सिद्धू की नाराजगी तब और भी बढ़ गई, जब उन्होंने राजनाथ की टीम में एसएस अहलूवालिया का नाम बतौर उपाध्यक्ष पाया।

इसके बाद सिद्धू तो अज्ञातवास में चले गये, लेकिन उनकी पत्नी व पंजाब की संसदीय सचिव नवजोत कौर सिद्धू ने फेसबुक के जरिये सांसद सिद्धू के मन की बात उजागर कर दी।
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ये वही सिद्धू हैं, जो पहली बार लोकसभा का टिकट मिलते वक्त पाकिस्तान में थे और उनका मतदान पत्र भरवाने के लिए अमृतसर लाने के लिए भाजपा ने वाघा सीमा पर हेलीकाप्टर भेजा था।

भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने ज्यादा कुछ कहने की बजाए इतना ही कहा कि सिद्धू की पत्नी ने स्पष्टीकरण दे दिया है।

बहरहाल, भाजपा सूत्रों का कहना है कि सिद्धू यह सब इसलिए कर रहे हैं कि उन्हें अमृतसर की बजाए दिल्ली से चुनावी टिकट मिल जाए।

क्रिकेट व टीवी कार्यक्रमों ज्यादा व्यस्त रहने के कारण सिद्धू संगठन व अपने क्षेत्र को ज्यादा समय नहीं दे सके।

हालांकि उन्हें दिल्ली का सह प्रभारी भी बनाया गया, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पहुंच नहीं बना पाए।

संगठन जब भी उन्हें किसी कार्यक्रम में भेजना चाहता तो वे उन्होंने ज्यादातर कार्यक्रमों में अंतिम समय में जाना टाल देते।

इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी को विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के लिए जो कुछ विवाद किया था, पार्टी नेतृत्व उसे भी भूला नहीं है।

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