आज देश भर में हड़ताल, जानिए क्या-क्या रहेगा बंद?
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मोदी सरकार के कार्यकाल में मजदूर यूनियनों की पहली देशव्यापी हड़ताल आज हो रही है। भारतीय मजदूर संघ और नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन को छोड़कर सभी पंजीकृत मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधि इस हड़ताल में शामिल होंगे। वहीं असंगठित क्षेत्र के कामगारों के भी हड़ताल में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
मजदूर संगठनों का अनुमान है कि हड़ताल में दस करोड़ से ज्यादा लोग शामिल होंगे। केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने मजदूर संगठनों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है।
उन्होंने इस संदर्भ में सभी केंद्रीय मजदूर संगठनों को एक चिट्ठी भी लिखी है। मगर दस मजदूर यूनियनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की वजह से हड़ताल वापस नहीं लेंगे।
हड़ताल से ये सेक्टर हो सकते हैं प्रभावित
बंद का असर मैन्यूफैक्चरिंग, ऑटो, बस, सार्वजनिक परिवहन, पोत, बैंक, कोल व खनन और बीमा क्षेत्र पर विशेष रुप से होने की आशंका है। रेलवे इस हड़ताल से प्रभावित नहीं होगा।
हालांकि, श्रम मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य सेवाओं पर इस बंद का असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों के हित में तमाम योजनाएं तैयार कर रही है। कानून में संशोधन का प्रस्ताव है। इसलिए, संगठनों को हड़ताल पर नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने लिखा है कि न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने को लेकर सरकार गंभीर है। आईएलसी के निर्णय के मुताबिक न्यूनतम मजदूरी 273 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। फिलहाल यह 160 रुपये रोजाना है। वहीं सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए भी तमाम प्रयास किये जा रहे हैं।
मंत्रियों के साथ यूनियनों की बैठक रही बेनतीजा
उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार में श्रम कानूनों में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में इस हड़ताल का आह्वान किया गया है। उनका कहना है कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है।
मंत्रियों के समूह के साथ बैठक का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल पर जाने फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को सबक मिलेगा।