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LIC घोटाले में 6 करोड़ रुपये का घपला

Fri, 14 Sep 2012 03:33 PM IST
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 14 Sep 2012 03:33 PM IST
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6 crore scam revealed in lic
एलआईसी के ही कुछ कर्मचारियों ने निवेशकों की पॉलिसी मैच्योर होने के बाद उनका भुगतान किसी और को कराकर करोड़ों रुपयों की बंदरबांट कर ली। पांच साल के दौरान कुल पांच करोड़ 99 लाख रुपए के वारे-न्यारे किए गए।
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इस मामले की जांच में सीबीआई ने बृहस्पतिवार को कुल नौ जगहों पर छापामारी की। इसमें लखनऊ में सात जगह और बलरामपुर व कानपुर जिले में एक-एक जगह पर छापे मारे। सीबीआई ने इस मामले में एलआईसी के 17 कर्मचारियों के अलावा 17 निजी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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एलआई में कई निवेशकों की पॉलिसी के भुगतान अनजाने लोगों के नाम कर दिए जाने की शिकायत आने पर सीबीआई लखनऊ परिक्षेत्र की भ्रष्टाचार निवारण शाखा मामले की जांच कर रही थी। इस सिलसिले में सीबीआई की टीमों ने बृहस्पतिवार को एलआईसी की जानकीपुरम शाखा के हायर ग्रेड एसिस्टेंट पंकज सक्सेना के एमडीएच सेक्टर एम, जानकीपुरम स्थित आवास पर छापा मारा। पंकज सक्सेना घोटाले का मास्टरमाइंड था।
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लखनऊ में इसके अलावा दूसरों की पॉलिसी की मैच्योरिटी का चेक अपने खाते में भुनाने वाले समीर जोशी व उनकी पत्नी अंजू जोशी के वाल्मीकी मार्ग, लालबाग स्थित आवास, सेक्टर एच, जानकीपुरम निवासी प्रेमशंकर उपाध्याय, कुम्हरावां, इटौंजा निवासी उमाशंकर सिंह, सेक्टर एच, जानकीपुरम निवासी कृष्णकांत सिंह, सहारा स्टेट निवासी सचिन मेहरोत्रा और निरालानगर निवासी विमलेश सक्सेना के यहां छापामारी की।

इन सभी के यहां से बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज व अन्य आवश्यक कागजात बरामद किए गए। कानपुर में 202 लखनपुर, अवधपुरी निवासी संगीता सक्सेना और बलरामपुर में उतरौला निवासी जितेंद्र कुमार के यहां भी छापा डाला गया।

प्रेम शंकर व उनकी पत्नी के नाम से सर्वाधिक दो करोड़ 50 लाख रुपए का भुगतान हुआ। पंकज सक्सेना ने एलआईसी के कुछ अन्य कर्मचारियों से मिलीभगत कर कुल 28 लोगों के नाम से 212 चेकों के जरिए दूसरे निवेशकों की पॉलिसी की मैच्योरिटी का भुगतान कराया।


सालों से चल रहे घोटाले ने तूल तब पकड़ा जब कुछ निवेशकों ने अपनी पॉलिसी की मैच्योरिटी अवधि पूरा होने पर पड़ताल की और उन्हें पता चला कि उनका भुगतान एलआईसी मुख्यालय से आ चुका है और किसी अन्य के नाम से चेक काट कर भुगतान चला गया है।
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