यूपी व अन्य राज्यों में बढ़ेगी बिजली की किल्लत

Varun KumarVarun Kumar Updated Mon, 13 Aug 2012 05:15 PM IST
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power shortage will increase

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बिजली की किल्लत से जूझ रहे यूपी समेत अन्य राज्यों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। अब ग्रिड की फ्रीक्वेंसी लो होने पर निर्धारित कोटे से ज्यादा बिजली का आयात (ओवरड्राल) करना राज्यों के लिए आसान नहीं होगा। ग्रिड की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर (एनएलडीसी) सीधे उन स्रोतों (फीडरों) की आपूर्ति रोकने की तैयारी में जुटा है जिससे संबंधित राज्य को उसके कोटे की बिजली दी जाती है।
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इसके लिए उत्तरी क्षेत्र लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) को उत्तरी ग्रिड से जुड़े राज्यों के साथ मिलकर उन फीडरों को चिह्नित करने को कहा गया है जिसके जरिये उन्हें बिजली दी जाती है। एनआरएलडीसी ने बुधवार को दिल्ली में सभी राज्यों के ट्रांसमिशन निगमों और स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है जिसमें फीडरों का ब्योरा रखा जाएगा और ग्रिड की सुरक्षा को लेकर रणनीति तय की जाएगी। इन फीडरों से संबंधित रिपोर्ट 13 अगस्त को केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) को सौंपी जाएगी। सीईआरसी इसका परीक्षण करने के बाद इस बाबत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
तमाम हिदायतों और चेतावनियों के बावजूद उत्तरी ग्रिड से जुड़े राज्यों, खास तौर पर यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड द्वारा ओवरड्राल से बाज न आने पर केंद्र अब सख्ती की तैयारी में जुटा है। 30-31 जुलाई को ग्रिड फेल होने के बाद सीईआरसी समेत ग्रिड संचालन से जुड़ी केंद्रीय एजेंसियां सुरक्षात्मक उपायों को कड़ाई से लागू करने की कवायद में जुट गई हैं।
खास बात यह है इस बार इसकी मॉनीटरिंग खुद सीईआरसी कर रहा है। चूंकि ग्रिड अनुशासन तोड़ने में उत्तरी क्षेत्र के राज्य काफी आगे हैं इसलिए पहले उनके ऊपर शिकंजा कसने की तैयारी है। सीईआरसी के निर्देश के बाद एनएलडीसी राज्यों के फीडरों को चिह्नित करने में जुटा है जिनसे ग्रिड पर दबाव बढ़ने से आपूर्ति सीधे बंद कर दी जाए। इस महीने के अंत तक यह व्यवस्था लागू करने की भी तैयारी है। इससे सबसे ज्यादा मुश्किलें यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए खड़ी होंगी जो अनशिड्यूल इंटरचेंज (यूआई) के जरिये कोटे से ज्यादा बिजली लेकर अपनी बिजली की कमी को पूरा करते हैं।
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