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अन्ना हजारे की राह पर नहीं चलूंगा: बाबा रामदेव

Mon, 13 Aug 2012 05:04 PM IST
Updated Mon, 13 Aug 2012 05:04 PM IST
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will not walk on anna path says baba ramdev
योग गुरु बाबा रामदेव अन्ना हजारे की राह पर नहीं चलेंगे। काला धन वापस लाने की मांग को लेकर 9 अगस्त से दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन की शुरुआत करने का ऐलान करने वाले बाबा रामदेव ने फिर स्पष्ट कर दिया है कि वे अन्ना की सोच के साथ हैं, लेकिन उनके राजनीतिक एजेंडे के साथ नहीं हैं।
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चुनाव लड़ने से साफ इनकार करते हुए बाबा ने कहा कि वे कांग्रेस के खिलाफ नहीं हैं, उसे नीचा भी दिखाना नहीं चाहते हैं, वे केवल मुद्दों की बात करते हैं। बीते दिन बाबा पूरे दिन अलग-अलग टीवी चैनलों पर बहुत सारे मुद्दों पर बोलते दिखे लेकिन कई बार कई विवादास्पद या चुभते सवालों को बाबा कुशल नेता की तरह टाल भी गए। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबा ने अपने धाराप्रवाह भाषण में कहा कि 121 करोड़ लोगों को अपना हक पाने के लिए चुनाव लड़ने की कोई जरूरत नहीं है।
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बाबा ने कहा कि सभी लोगों के लिए चुनाव लड़ना संभव नहीं है। अगर सभी लोग चुनाव लड़ने लगे तो कितने पोलिंग बूथ बनाने पड़ेंगे, सभी के चुनाव लड़ने पर ईवीएम मशीनें भी कम पड़ जाएगी। उनका कोई राजनीति एजेंडा नहीं है। उनका एजेंडा भ्रष्टाचार मिटाना, काला धन वापास लाना और व्यवस्था परिवर्तन है। काला धन वापस लाने, भ्रष्टाचार मिटाने और व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दे पर वह पार्टियों का ध्रुवीकरण करेंगे।
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बाबा ने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले अन्ना हजारे की सोच के साथ हैं लेकिन उनके राजनीतिक एजेंडे के साथ नहीं हैं। बाबा ने कहा कि अन्ना के आंदोलन का राजनीतिकरण हो गया है। उनके लिए अन्ना की पार्टी और दूसरी पार्टियों में कोई फर्क नहीं है।

उन्होंने एक इनकम टैक्स ऑफिसर का नाम न लेते हुए कहा कि इस अफसर ने उन्हें बताया कि जिन लोगों के नाम ब्लैक मनी मामले में सामने आए हैं, सरकार उन लोगों से 100 करोड़ रुपए तक मांग रही है। ब्लैक मनी के लिए ब्लैक मनी मांगी जा रही है। उन्होंने ब्लैकमनी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रही सीबीआई की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और कहा कि सीबीआई सरकार के हाथों की कठपुतली है।


बाबा ने कहा कि अकेले लोकपाल से भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो सकता। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सीबीआई को सरकारी नियंत्रण से मुक्त रखना जरूरी है। मुख्य चुनाव आयुक्त, सीबीआई निदेशक, सीवीसी प्रमुख, कैग प्रमुख की नियुक्ति में सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। अगर ये सब चीजें हो जाए तो 90 फीसदी भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। बाबा ने ब्लैक मनी को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने की मांग की।
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