फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   mulayam issues stern warning to partymen

अखिलेश सरकार से नाराज हैं मुलायम, लगाई फटकार

Mon, 13 Aug 2012 05:56 PM IST
Updated Mon, 13 Aug 2012 05:56 PM IST
विज्ञापन
mulayam issues stern warning to partymen
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव अखिलेश सरकार से नाराज हैं। उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पार्टी के विधायकों और मंत्रियों को ऐसा काम करने की नसीहत दी है जो जमीन पर दिखाई पड़े और पार्टी की नीतियों के अनुरूप हो। साथ ही जनता को लगे कि सूबे में वास्तव में सत्ता परिवर्तन हो गया है। पांच कालीदास मार्ग पर मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल थे।
विज्ञापन


मुलायम ने चेतावनी भी दी कि कामकाज का ढर्रा न सुधारने और कार्यकर्ताओं की बात न सुनने वाले मंत्रियों की विदाई भी हो सकती है। लोकसभा चुनाव की चिंता को विधायकों के बीच रखते हुए मुलायम ने सभी को हिदायत दी कि जनता से खूब घुलें-मिलें। ज्यादा से ज्यादा समय जनता के बीच और क्षेत्र में दें जिससे लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा की तरह बेहतर नतीजे रहें।
विज्ञापन


उधर, बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम आसरे कुशवाहा ने जो कुछ बताया उससे भी मुलायम की चिंता की झलक मिलती है। उन्होंने पत्रकारों के सवालों पर जवाब दिया कि मुलायम सिंह जमीन से जुड़े नेता हैं। उनकी सब पर पैनी नजर रहती है। जो कुछ हो रहा है उस सबकी उन्हें जानकारी है। कोई भी हो जो उनकी व जनता की कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा तो उसे सजा मिलेगी ही।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून-व्यवस्था की सबसे ज्यादा चिंता
बैठक में मौजूद विधायकों से बातचीत करने पर जो कुछ पता चला है उससे साफ संकेत मिल रहा है कि सत्ता में आने के बाद पार्टी के भीतर और सरकार में जो कुछ चल रहा है उससे मुलायम खासे चिंतित हैं। नेताओं की मुसीबत बनती बयानबाजी से परेशान मुलायम सिंह यादव के लिए कानून-व्यवस्था सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है। महंगाई भी चिंता का मुद्दा बनी हुई है।

सरकारी दफ्तरों का जनता के साथ व्यवहार न बदलना भी उनकी चिंता का कारण बना हुआ है। उन्हें इस बात की भी सूचना है कि सत्ता में आने के बाद सपा नेताओं और विधायकों का रवैया बदल गया है। कार्यकर्ताओं में भी सत्ता से उपेक्षा का संदेश जा रहा है। यह स्थिति लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर सकती है। खासतौर से चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था और महिलाओं से दुराचार की घटनाओं पर रोक चुनौती बनी हुई है।

जनता से घुलें-मिलें, अच्छा व्यवहार करें
मुलायम ने विधायकों और मंत्रियों को नसीहत दी कि जनता से अच्छा व्यवहार करें। जनता को समय दें। खूब घुलें-मिलें। कार्यकर्ताओं के दुख-दर्द को अपना समझें। जनता से बढ़िया बरताव करें जिससे लोकसभा चुनाव में बेहतर नतीजे रहें। जनता को बताएं कि सरकार ने सपा के घोषणापत्र के 80 प्रतिशत वादों पर अमल शुरू कर दिया है। जो बचे हैं उन्हें पूरा करने के लिए जल्द ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर दी जाएंगी। उन्हें यह भी समझाएं कि सरकार ने कौन-कौन से वादे पूरे कर दिए हैं। अगर उन्हें कहीं कोई दिक्कत है तो उसे दूर करने में सहयोग करें।

जनता में नहीं रहेंगे तो नतीजे भी ठीक नहीं आएंगे
मुलायम ने आगाह किया कि सरकार और सत्तारूढ़ दल के बारे में समाज में बेहतर संदेश देने की जिम्मेदारी विधायकों व मंत्रियों की है। अगर इनका व्यवहार ठीक रहेगा तो लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ेगा। साथ ही लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा की तरह बढ़िया नतीजे आएंगे। अगर जनता में नहीं गए तो लोकसभा चुनाव के नतीजे भी ठीक नहीं रहेंगे।

काम न करने वाले डीएम, एसएसपी हटेंगे
बैठक में कई विधायकों ने जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तान द्वारा विधायकों व पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर ध्यान देने की बात उठी। मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आश्वस्त किया कि जनहित की शिकायतों को न सुनने और उनका समाधान न करने वाले अधिकारियों को सजा दी जाएगी और उन्हें हटाया जाएगा।

फैसलों से पलटना अच्छी बात
बैठक के बाद बाहर आए राष्ट्रीय महासचिव कुशवाहा से कुछ पत्रकारों ने सवाल पूछा कि बैठक में मुख्यमंत्री के फैसलों से बार-बार पलटने का मामला भी उठा। कुशवाहा ने जवाब दिया कि कोई फैसला अगर जनहित का नहीं है तो उसे स्वीकार कर निर्णय बदलना लोकतांत्रिक होने का प्रमाण है।

सपा से ज्यादा अनुशासित दूसरा दल नहीं
सवालों के जवाब में कुशवाहा ने कहा कि सपा से ज्यादा अनुशासित पार्टी दूसरी नहीं है। अनुशासन के कारण ही विधान सभा चुनाव में अच्छे नतीजे आए थे। लोकसभा चुनाव में भी इसी तरह के नतीजे आएंगे। प्रदेश में 60 से ज्यादा सीटें पार्टी को मिलेंगी। बताया कि पर्यवेक्षकों ने 30 जुलाई को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी है। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट को देखकर विचार-विमर्श करेंगे। लोकसभा के लिए प्रत्याशियों की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।


काम न करने वाले मंत्रियों को सजा पर...
यह पूछने पर बैठक में क्या काम न करने वाले मंत्रियों को हटाने की बात हुई है। कुशवाहा ने कहा, ‘यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। हमारे नेता मुलायम सिंह जी का अपना नेटवर्क है। उनके सभी जिलों में लोग हैं। वह किसी तंत्र की सूचना के मोहताज नहीं हैं। उनकी सब पर पैनी नजर है। कोई उनकी नजर से बच नहीं सकता।’
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed