सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में 5 गिरफ्तार, 9 हिरासत में
आतंकी हमलों के खतरों के खिलाफ चल रही देशव्यापी कार्रवाई में सुरक्षा एजेंसियों ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। जबकि नौ को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की जा रही है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक की पुलिस के साथ नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और खुफिया एजेंसी आईबी ने ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना में लगे इस बेहद खतरनाक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
एनआईएस के हाथों गिरफ्तार यह पांच युवक जल्द ही बड़े आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में लगे थे। खुफिया एजेंसियां इन लड़कों पर लंबे समय से नजर रख रही थी। संदिग्ध लड़कों में एक लखनऊ का है जबकि मुंबई से एक, हैदराबाद के दो, बंगलुरू से एक और मंगलोर से एक लड़के गिरफ्तार हुए हैं। इनके पास से आईईडी बम बनाने के सामान भी बरामद हुए हैं।
गृहमंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग के संयुक्त सचिव एमएएस गणपति के मुताबिक यह लड़के आईएसआईएस की तर्ज पर इंटरनेट के जरिए एक बड़ा गिरोह बनाने में कामयाब हो गए थे। इसकी पहली कड़ी हरिद्वार से दो दिन पहले गिरफ्तार चार लड़के हैं। गणपति ने बताया कि हरिद्वार में हुई कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार देर रात अलग अलग जगहों से 14 लड़कों को हिरासत में लिया गया। शुक्रवार दोपहर होते होते उनमें से पांच गैर कानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
ज्यादा ब्यौरा देने ने मना कर रहा मंत्रालय
गृहमंत्रालय के मुताबिक यह सभी लड़के इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) आईएम का
आतंकी रहे युसुफ उर्फ सफी अरमार से सीधे संपर्क में थे। युसुफ के ठिकाने के
बारे में अबतक पता नहीं चला है। गिरफ्तार पांच लड़कों का मुखिया मुंबई के
मुंब्रा का मुतब्बीर मुश्ताख शेख है। अबतक की जांच के मुताबिक शेख के
एकाउंट में ऑनलाइन छह लाख रुपए भेजे गए थे।
मंत्रालय इस ऑपरेशन के बारे में
ज्यादा ब्यौरा देने ने मना कर रहा है। गणपति के मुताबिक एजेंसियों की देश
व्यापी कार्रवाई बड़े पैमाने पर चल रही है। फिलहाल नहीं कहा जा सकता कि यह
लड़के आईएसआईएस के जु़ड़े हैं। यह लड़के आतंकी हमले को अंजाम देने के मकसद
से ट्रेनिंग और हथियारों के इंतजाम में लगे थे।
26 जनवरी परेड और
फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत में मौजूदगी के दौरान आतंकी हमले का खतरा
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा पठानकोट हमले
के बाद दिल्ली में जैश-ए-मोहम्मद के हमले की आशंका के मद्देनजर पूरे देश
में सघन कार्रवाइयों के अंजाम दिया जा रहा है।