लोकसभा में आडवाणी ने कहा, 'अवैध' है यूपीए सरकार

Varun KumarVarun Kumar Updated Mon, 13 Aug 2012 04:59 PM IST
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भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने यूपीए सरकार पर वार करते हुए कहा है कि यह सरकार 'अवैध' है। दरअसल विश्वासमत के दौरान यूपीए-1 सरकार करोड़ों रुपये देकर बचाई गई थी। आडवाणी के इस बयान का कांग्रेस सांसदों ने जमकर विरोध किया।
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सदन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी आडवाणी के बयान पर गुस्सा जाहिर किया। हंगामे को देखते स्पीकर मीरा कुमार और लोकसभा के नेता सुशील कुमार शिंदे ने आडवाणी से बयान वापस लेने को कहा। बाद में आडवाणी ने विवादास्पद बयान वापस ले लिया। उन्होंने साफ किया कि दरअसल उन्होंने यह टिप्पणी यूपीए-1 के संदर्भ में की थी।
आडवाणी ने साफ किया कि वह 2009 के चुनाव की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि 2008 में सदन में विश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान की बात कर रहे हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि लोकसभा में मतदान जीतने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हो।
सदन में असम मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि असम हिंसा में अब तक क्या हुआ? यह हिंसा अब तक 73 लोगों की जान ले चुकी है और सरकार वास्तविक कारणों का पता लगाने में नाकाम रही। असम में हालात विस्फोटक हैं।

आडवाणी ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि हिंसा की जड़ बांग्लादेशी घुसपैठ में है। कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक के चलते घुसपैठ को बढ़ावा दे रहे हैं। यह मुल्क की अखंडता और एकता के लिए खतरनाक है। उन्होंने सरकार से सारे घुसपैठियों को बाहर निकालने की मांग की।

सुषमा ने दी सफाई
बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने भी आडवाणी के इस बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने यूपीए सरकार को असंवैधानिक नहीं कहा। उन्होंने यह बात स्वीकार भी की है। उन्होंने अपना बयान 2008 के अविश्वास प्रस्ताव के संदर्भ में दिया था।

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