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रोटी नहीं, अब गरीबों को फ्री मोबाइल देगी सरकार
Updated Mon, 13 Aug 2012 05:20 PM IST
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यूपीए सरकार गरीबों को दो वक्त की रोटी तो मुहैया न करा सकी, लेकिन उन्हें लुभाने के लिए मुफ्त मोबाइल देने जा रही है। केंद्र सरकार की इस योजना को अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 15 अगस्त को लाल किले से इस योजना की घोषणा कर सकते हैं। योजना के तहत 7000 करोड़ रुपये खर्चकर 60 लाख गरीबों को मुफ्त मोबाइल दिये जाने की संभावना है। इसमें मोबाइल के साथ साथ 200 मिनट का टॉक टाइम भी मुफ्त दिया जाएगा।
दूसरे कार्यकाल में अब तक नाकाम रही केंद्र सरकार की यह योजना 2014 के लोक सभा चुनावों में कांग्रेस का ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है। यूपीए सरकार के मैनेजर्स इस योजना को दूसरे कार्यकाल के कामयाबी के तौर पर पेश करना चाहते हैं। इस योजना का नाम ‘हर हाथ में फोन’ है।
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सरकार का मानना है कि फोन के जरिए गरीबों से सीधा संवाद बनाया जा सकता है। यूपीए सरकार इस योजना के जरिए देश की बड़ी आबादी के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना चाहती है। इस योजना की फंडिंग टेलीकॉम मंत्रालय करेगी। सूत्रों के मुताबिक 50 फीसदी रकम सर्विस प्रोवाइडर के खाते से आएगी जो यह सर्विस देगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार आज तक देश के गरीबों को मुफ्त अनाज नहीं उपलब्ध करा पाई है। भूख से देश की राजधानी दिल्ली में भी मौतें हो रही हैं। सरकार की ही रिपोर्ट के मुताबिक देश की 70 फीसदी आबादी आज भी 20 रुपए पर अपना गुजारा कर रही है। ऐसे में यह योजना कितनी कारगर होगी, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
सवाल- जिस देश में 70 फीसदी आबादी भोजन के लिए तरस रही हो, वहां 7000 करोड़ रुपए खर्च कर मोबाइल फोन बांटना कहां तक उचित है?
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एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 15 अगस्त को लाल किले से इस योजना की घोषणा कर सकते हैं। योजना के तहत 7000 करोड़ रुपये खर्चकर 60 लाख गरीबों को मुफ्त मोबाइल दिये जाने की संभावना है। इसमें मोबाइल के साथ साथ 200 मिनट का टॉक टाइम भी मुफ्त दिया जाएगा।
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दूसरे कार्यकाल में अब तक नाकाम रही केंद्र सरकार की यह योजना 2014 के लोक सभा चुनावों में कांग्रेस का ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है। यूपीए सरकार के मैनेजर्स इस योजना को दूसरे कार्यकाल के कामयाबी के तौर पर पेश करना चाहते हैं। इस योजना का नाम ‘हर हाथ में फोन’ है।
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सरकार का मानना है कि फोन के जरिए गरीबों से सीधा संवाद बनाया जा सकता है। यूपीए सरकार इस योजना के जरिए देश की बड़ी आबादी के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना चाहती है। इस योजना की फंडिंग टेलीकॉम मंत्रालय करेगी। सूत्रों के मुताबिक 50 फीसदी रकम सर्विस प्रोवाइडर के खाते से आएगी जो यह सर्विस देगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार आज तक देश के गरीबों को मुफ्त अनाज नहीं उपलब्ध करा पाई है। भूख से देश की राजधानी दिल्ली में भी मौतें हो रही हैं। सरकार की ही रिपोर्ट के मुताबिक देश की 70 फीसदी आबादी आज भी 20 रुपए पर अपना गुजारा कर रही है। ऐसे में यह योजना कितनी कारगर होगी, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
सवाल- जिस देश में 70 फीसदी आबादी भोजन के लिए तरस रही हो, वहां 7000 करोड़ रुपए खर्च कर मोबाइल फोन बांटना कहां तक उचित है?