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राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में नहीं कोई सरकारी आदेश
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Fri, 14 Sep 2012 01:16 PM IST
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राष्ट्रीय पर्व और राष्ट्रीय खेल को लेकर आरटीआई के माध्यम से चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। इन्हें जुटाने काम एक बार फिर बाल आरटीआई कार्यकर्ता ऐश्वर्या पाराशर ने किया है। राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर मिली जानकारियां आश्चर्य में डालने वाली हैं। भले ही पाठ्य पुस्तकों में यह पढ़ाया जाता हो और भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट में भी यह उल्लेख किया गया हो कि हमारा राष्ट्रीय पेड़ बरगद, राष्ट्रीय फल आम, राष्ट्रीय नदी गंगा और राष्ट्रीय जलीय जीव डाल्फिन है लेकिन सच्चाई यह है कि इस बारे में कोई भी आदेश सरकार द्वारा जारी नहीं किया गया है।
10 वर्षीया और सीएमएस (राजाजीपुरम) की कक्षा छह की छात्रा ऐश्वर्या ने गत पांच अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को पत्र लिखा था। पत्र में सूचना के अधिकार के तहत भारत का राष्ट्रीय वृक्ष, राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय कैलेण्डर, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय नदी, राष्ट्रीय जलीय जीव और भारतीय करेंसी प्रतीक (पुराना एवं नया) घोषित करने के आदेशों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा 13 अगस्त को इन्हें यथोचित कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय एवं वित्त मंत्रालय को और फिर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेज दिया गया।
लेकिन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा सात सितंबर को ऐश्वर्या को पत्र भेजकर जो बताया उससे स्पष्ट है कि राष्ट्रीय वृक्ष, राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय नदी और राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित करने के आदेश के संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। मंत्रालय द्वारा सूचित किया गया है कि राष्ट्रीय वृक्ष, राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय नदी और राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित करने के आदेश के संबंध में कोई सूचना विभाग में उपलब्ध नहीं है। मजे की बात यह है कि भारत सरकार की वेबसाइट में भी चित्र सहित जानकारी देते हुए कहा गया है कि भारतीय बरगद का पेड़ राष्ट्रीय पेड़, आम राष्ट्रीय फल, गंगा राष्ट्रीय नदी और मीठे पानी की डाल्फिन राष्ट्रीय जलीय जीव है।
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भारतीय करेंसी प्रतीक के संबंध में वित्त विभाग ने 29 अगस्त के पत्र से सूचित किया है कि भारतीय करेंसी और सिक्के का कोई करेंसी प्रतीक नहीं था। भारतीय करेंसी का प्रतीक 31 जुलाई 2010 को प्रकाशित राजपत्र अधिसूचना द्वारा घोषित किया गया था। गृह मंत्रालय ने 23 अगस्त के पत्र द्वारा सूचित किया कि भारत का राष्ट्रीय कैलेण्डर 22 मार्च 1957 से अंगीकृत किया गया था। भारत का राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था।
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10 वर्षीया और सीएमएस (राजाजीपुरम) की कक्षा छह की छात्रा ऐश्वर्या ने गत पांच अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को पत्र लिखा था। पत्र में सूचना के अधिकार के तहत भारत का राष्ट्रीय वृक्ष, राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय कैलेण्डर, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय नदी, राष्ट्रीय जलीय जीव और भारतीय करेंसी प्रतीक (पुराना एवं नया) घोषित करने के आदेशों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा 13 अगस्त को इन्हें यथोचित कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय एवं वित्त मंत्रालय को और फिर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेज दिया गया।
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लेकिन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा सात सितंबर को ऐश्वर्या को पत्र भेजकर जो बताया उससे स्पष्ट है कि राष्ट्रीय वृक्ष, राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय नदी और राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित करने के आदेश के संबंध में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। मंत्रालय द्वारा सूचित किया गया है कि राष्ट्रीय वृक्ष, राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय नदी और राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित करने के आदेश के संबंध में कोई सूचना विभाग में उपलब्ध नहीं है। मजे की बात यह है कि भारत सरकार की वेबसाइट में भी चित्र सहित जानकारी देते हुए कहा गया है कि भारतीय बरगद का पेड़ राष्ट्रीय पेड़, आम राष्ट्रीय फल, गंगा राष्ट्रीय नदी और मीठे पानी की डाल्फिन राष्ट्रीय जलीय जीव है।
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भारतीय करेंसी प्रतीक के संबंध में वित्त विभाग ने 29 अगस्त के पत्र से सूचित किया है कि भारतीय करेंसी और सिक्के का कोई करेंसी प्रतीक नहीं था। भारतीय करेंसी का प्रतीक 31 जुलाई 2010 को प्रकाशित राजपत्र अधिसूचना द्वारा घोषित किया गया था। गृह मंत्रालय ने 23 अगस्त के पत्र द्वारा सूचित किया कि भारत का राष्ट्रीय कैलेण्डर 22 मार्च 1957 से अंगीकृत किया गया था। भारत का राष्ट्रीय ध्वज 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था।