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10वीं पास महिलाएं ही पाएंगी आंगनबाड़ी में नौकरी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 10 Sep 2012 06:07 PM IST
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अब महिलाएं बिना दसवीं के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं बन सकेंगी। भारत सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं और सहायकों के लिए 8वीं कर दी है। आंगनबाड़ी कर्मियों में शिक्षा की कमी के चलते देश भर में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार में बाधा आ रही है। इसको देखते हुए संसद की स्थाई समिति ने अपनी 16वीं रिपोर्ट में भारत सरकार से आंगनबाड़ी कर्मियों की भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित करने की मांग की थी। भारत सरकार ने संसद की स्थाई समिति की मांग को मान लिया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 13.80 लाख आंगनबाड़ियां हैं, जिसमें से 12 लाख 46 हजार 614 कार्यकर्ता और 33,156 सुपरवाइजर हैं। साल 2010 तक कार्यकर्ताओं के 88,893 तथा निरीक्षकों के 13,653 पद रिक्त थे। संसद की समिति ने रिक्त पदों को भरने की सिफारिश की है। साथ ही समिति ने सरकार से जल्द से जल्द इस बात की जानकारी देने को कहा है कि वह अनिवार्य योज्ञता के साथ भर्ती प्रक्रिया कब शुरू करेगी।
समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 में 14 लाख आंगनबाड़ी खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। साथ ही 1,578 करोड़ पात्र बच्चों को इसमें शामिल किया जाना था, लेकिन अब तक केवल 45 फीसदी लक्ष्य पूरा हो सका है।
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समिति का कहना है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को जो जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं वे उन्हें भली-भांति नहीं निभा पा रही हैं। शिक्षा के अभाव में कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकी शिक्षा का प्रसार कामकाज का रजिस्टर तैयार करने और विभिन्न वित्तीय एवं बच्चों के पोषण से जुड़ी रिपोर्ट बनाने में मुश्किल हो रही है। कई कार्यकर्ता तो इन रिपोर्ट को तैयार करने में बिल्कुल असमर्थ हैं। इस कारण इस योजना को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाने में मुश्किल हो रही है। आंगनबाड़ी योजना पिछड़े तबके के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के पोषण की स्थिति को ठीक करने के मकसद से शुरू की गई है।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 13.80 लाख आंगनबाड़ियां हैं, जिसमें से 12 लाख 46 हजार 614 कार्यकर्ता और 33,156 सुपरवाइजर हैं। साल 2010 तक कार्यकर्ताओं के 88,893 तथा निरीक्षकों के 13,653 पद रिक्त थे। संसद की समिति ने रिक्त पदों को भरने की सिफारिश की है। साथ ही समिति ने सरकार से जल्द से जल्द इस बात की जानकारी देने को कहा है कि वह अनिवार्य योज्ञता के साथ भर्ती प्रक्रिया कब शुरू करेगी।
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समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 में 14 लाख आंगनबाड़ी खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। साथ ही 1,578 करोड़ पात्र बच्चों को इसमें शामिल किया जाना था, लेकिन अब तक केवल 45 फीसदी लक्ष्य पूरा हो सका है।
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समिति का कहना है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को जो जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं वे उन्हें भली-भांति नहीं निभा पा रही हैं। शिक्षा के अभाव में कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकी शिक्षा का प्रसार कामकाज का रजिस्टर तैयार करने और विभिन्न वित्तीय एवं बच्चों के पोषण से जुड़ी रिपोर्ट बनाने में मुश्किल हो रही है। कई कार्यकर्ता तो इन रिपोर्ट को तैयार करने में बिल्कुल असमर्थ हैं। इस कारण इस योजना को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाने में मुश्किल हो रही है। आंगनबाड़ी योजना पिछड़े तबके के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के पोषण की स्थिति को ठीक करने के मकसद से शुरू की गई है।