विज्ञापन

93 योगों से बन रहा है प्रणब दा का राजयोग

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
stars-boost-pranab-chances-become-president
विज्ञापन
ख़बर सुनें
प्रणब मुखर्जी ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें राजनीति और कांग्रेस की सेवा विरासत में मिली। इनके पिता एक जुझारू स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे 1920 से ही कांग्रेस पार्टी में थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
विज्ञापन
1 फरवरी 1935 को प्रदोषकालीन वेला में सायं 05 बजकर 52 मिनट में हुआ। प्रणब दा की जन्मकुंडली कर्क लग्न की है। इसमें लग्न में ही केतु, तीसरे पराक्रम भाव में मंगल, चतुर्थ सुख भाव में गुरु और छठें शत्रु भाव में चंद्रमा बैठे हैं। सूर्य-राहू सप्तम भाव में और बुध, शुक्र, शनि अष्टम भाव में बैठे हैं। कुंडली में 62 शुभ और 31 अशुभ योग बने है। इनमें 22 अशुभ योग उनके लिए सकारात्मक भूमिका निभाते हैं।

मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और केतु मुख्य किरदार की तरह हैं। मंगल, गुरु, शुक्र के जरिए द्वारा बना हुआ राजयोग प्रणव दा को जीवन के सर्वोच्च शिखर पर ले जाने के लिए पर्याप्त है। शनि मारकेश भी हैं और जनता के कारक भी हैं, जो आयु भाव में विपरीत राजयोग कारक बुध के साथ बैठे हैं। यहीं पर शुक्र भी परम बलशाली होकर बैठे हैं। इनका असली राजनीतिक आगाज राजयोग मंगल की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा में जुलाई 1969 में राज्यसभा सांसद के रूप में आरंभ हुआ।

जुलाई 1975 में पुनः राजयोग बनाए हुए भाग्येश बृहस्पति की अंतरदशा में दूसरी बार राज्यसभा सांसद बने, इसके बाद 1981, 1993, और 1999 योगकारक ग्रहों ने राज्यसभा सांसद बनाया। पहली बार दादा को चंद्रमा ने 13 मई 2004 को जनता के सहयोग से चौदहवीं लोकसभा में भेजा। 20 मई 2009 से पुनः विपरीत राजयोग कारक बुध ने प्रणव दा को लोकसभा में भेजा है जो वित्तमंत्री का पद बीच में ही छोड़कर देश का प्रथम नागरिक बनने के करीब हैं।

वर्तमान में इन पर मई 2011 से शनि की महा दशा में योगकारक शुक्र की अंतर्दशा चल रही है जो जुलाई 2014 तक चलेगी शुक्र ने ही इन्हें राज्यसभा में 1969 में भेजा और अब शुक्र ही इन्हें 2012 में राष्ट्रपति भवन भी भेजेंगे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

कुएं में गिरकर किशोर की मौत के बाद बवाल

सदर तहसील परिसर स्थित सूखे कुएं में गिरकर किशोर की मौत हो गई। करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड की टीम किशोर को निकालने में आनाकानी करती रही।

19 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree