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दो लाख आय वालों के बच्चों का उच्च शिक्षा में मुफ्त दाखिला

शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
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यूपी के उन अभिभावकों के लिए खुशखबरी है, जिनकी सालाना आय दो लाख रुपये है। राज्य सरकार ऐसे अभिभावकों के बच्चों को उच्च शिक्षण संस्थाओं और तकनीकी कॉलेजों में मुफ्त एडमिशन देने की व्यवस्था लागू करने जा रही है। यह व्यवस्था इसी शिक्षण सत्र से लागू करने की तैयारी है। अभी तक इसका लाभ केवल अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों को ही मिलता रहा है। समाज कल्याण विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा देने पर सालाना करीब 30 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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प्रदेश में मौजूदा समय उच्च और तकनीकी शिक्षा लेने वाले छात्रों को फीस की प्रतिपूर्ति करने की व्यवस्था है। इसमें एससी व एसटी वर्ग के जिन अभिभावकों की सालाना दो लाख रुपये है, उनके बच्चों को जाति और आय प्रमाण पत्र दिखाने पर मुफ्त एडमिशन दिया जाता है जबकि सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के एक लाख तक की आय वाले अभिभावकों के बच्चों को सरकारी कॉलेजों की फीस के बराबर फीस की प्रतिपूर्ति की जा रही है।

राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली फीस प्रतिपूर्ति में आए दिन गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे देखते हुए सपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर पांच लाख तक की आय वाले अभिभावकों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। वहीं, हाईकोर्ट का मेधा बनाम राज्य सरकार के मामले में यह आदेश है कि एससी, एसटी बच्चों की तरह अन्य वर्ग के बच्चों को फीस प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा और उन्हें सरकारी कॉलेजों के समान फीस की प्रतिपूर्ति न कर निजी कॉलेजों की वास्तविक फीस के समान फीस दी जाएगी।

मामले में राज्य सरकार की सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका इस संबंध में खारिज हो चुकी है। इससे सरकार ने हाईकोर्ट में आश्वासन दे रखा है कि एससी, एसटी बच्चों की तरह अन्य वर्ग के बच्चों को भी फीस प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाएगी। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हुई थी। इसमें सहमति बनी है कि एससी, एसटी बच्चों की तरह अन्य वर्ग के बच्चों से भी फीस न ली जाए।

इस आय वर्ग के बच्चों को जाति और आय प्रमाण पत्र के आधार पर कॉलेजों में मुफ्त एडमिशन दिया जाए। इसी के आधार पर समाज कल्याण विभाग नियमावली का प्रारूप तैयार किया है। इसमें प्रावधान किया गया है कि छात्रों को एडमिशन कैसे दिया जाएगा और इसका आधार क्या होगा।

कितने छात्र होंगे लाभान्वित
-सामान्य वर्ग के 9 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा, खर्च आएगा 993 करोड़
-ओबीसी के 16 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा, खर्च आएगा 13 हजार करोड़
-अल्पसंख्यक वर्ग के 7 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा, खर्च आएगा 350 करोड़
-एससी, एसटी, सामान्य, ओबीसी व अल्पसंख्यक छात्रों को मिलाकर आएगा 30 हजार करोड़ का खर्च

सरकारी तकनीकी कॉलेजों की फीस
-बीटेक 35 हजार
-एमबीए 50 हजार
-एमसीए 25 हजार

निजी तकनीकी कॉलेज
-बीटेक 40 हजार से 85 हजार
-एमबीए 52 हजार से 86 हजार
-एमसीए 58 हाजार से 85 हजार
-बीफार्मा 72 हाजर से 86 हजार

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