{"_id":"29016","slug":"national-29016","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान! मोबाइल पर ‘#90’ बटन ना दबाना","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सावधान! मोबाइल पर ‘#90’ बटन ना दबाना
चंद्र प्रकाश/मुरादाबाद
Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
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इंटरनेट को खिलौना बना चुके आतंकियों की नजर अब आपके मोबाइल फोन पर भी है। कभी भी अंजान नंबर से आपके मोबाइल पर कॉल आएगी और दूसरी तरफ से व्यक्ति मोबाइल लाइन, सर्वर कनेक्टिविटी आदि चेक करने के बहाने आपसे # 90 या #9 डायल करने का आग्रह करेगा। बस यही चूक आपके सिम का बैलेंस और डाटा चोरी करा देगी।
बीएसएनएल के अनुसार जेहादी मुस्लिम आतंकी इस काम को अंजाम दे रहे हैं। अबतक तीस लाख फोन को जाल में फंसाकर प्रभावित किया जा चुका है। कंपनी की ओर से एलर्ट जारी कर आगाह किया गया है कि इन नंबरों पर काल हरगिज न करें।
मंगलवार को भी बीएसएनएल कार्यालय में आई एक महिला की शिकायत ने अधिकारियों को परेशान कर दिया। कंपनी अधिकारियों के अनुसार महिला के पास प्लस 92 नंबर से एक मिस कॉल आई थी। महिला ने उसी नंबर पर जब कॉल किया तो फोन नहीं उठा। लेकिन महिला के प्रीपेड सिम में मौजूद बैलेंस में से 12 रुपये अपने आप कम हो गए। यही नहीं, महिला के सेल नंबर दोबारा फिर कॉल आई और इस बार फिर नंबर डॉयल करने पर बैलेंस कम हो गया।
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दोपहर बाद महिला ने बीएसएनएल कार्यालय में फोन मिलाकर जीएम को घटना की शिकायत और कार्रवाई की मांग की। यह शिकायत मिलने के बाद हड़कंप मच गया। दरअसल यह काम पाकिस्तानी आतंकी कर रहे हैं जिसकी जानकारी बीएसएनएल को पहले से है। विभाग की मानें तो प्लस 92 नंबर से ग्राहकों के पास फोन आने पर दूसरी तरफ से उन्हें #90 या # 09 प्रेस करने को कहा जा रहा है। फोन करने वाला ग्राहकों को उनकी मोबाइल लाइन चेक करने का झांसा दे रहा है। बीएसएनएल ने ब्राडबैंड के आठ हजार उपभोक्ताओं को मेल जारी कर आगाह किया है।
बीएसएनएल के महाप्रबंधक आरवी वर्मा के अनुसार उपभोक्ताओं की जागरुकता के लिए मुहिम चलाने की तैयारी हो रही है। ताकि वह ऐसी फर्जी कॉल्स के प्रति सचेत रहें। उन्होंने अपील की कि ग्राहक खासतौर से #90 या #09 नंबर को प्रेस न करें। उन्होंने बताया कि कंपनी के सभी ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं को जागरुकता का मेल भी भेजा जा रहा है।
डाटा चोरी से बचने को रहें सतर्क
पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण देने वाले यूपी पुलिस के आइटी एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने बताया कि इस तरह की घटनाएं आम हो रही हैं। ग्राहकों के सिम से पूरा डाटा चोरी हो रहा है। डाटा लेकर हैकर्स या आतंकी अपने मंसूबों को अंजाम दे सकते हैं। लोगों को सावधान रहना चाहिए। हैस 90 या हैस 09 के अलावा कई और नंबरों के कांबिनेशन भी डाटा चोरी के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। ऐसा होने पर तत्काल मोबाइल कंपनी और पुलिस के साइबर सेल को सूचना दें। यही नहीं, फोन पर कभी भी अपनी पर्सनल आइडी, बैंक एकाउंट नंबर आदि की सूचना न दें।
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बीएसएनएल के अनुसार जेहादी मुस्लिम आतंकी इस काम को अंजाम दे रहे हैं। अबतक तीस लाख फोन को जाल में फंसाकर प्रभावित किया जा चुका है। कंपनी की ओर से एलर्ट जारी कर आगाह किया गया है कि इन नंबरों पर काल हरगिज न करें।
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मंगलवार को भी बीएसएनएल कार्यालय में आई एक महिला की शिकायत ने अधिकारियों को परेशान कर दिया। कंपनी अधिकारियों के अनुसार महिला के पास प्लस 92 नंबर से एक मिस कॉल आई थी। महिला ने उसी नंबर पर जब कॉल किया तो फोन नहीं उठा। लेकिन महिला के प्रीपेड सिम में मौजूद बैलेंस में से 12 रुपये अपने आप कम हो गए। यही नहीं, महिला के सेल नंबर दोबारा फिर कॉल आई और इस बार फिर नंबर डॉयल करने पर बैलेंस कम हो गया।
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दोपहर बाद महिला ने बीएसएनएल कार्यालय में फोन मिलाकर जीएम को घटना की शिकायत और कार्रवाई की मांग की। यह शिकायत मिलने के बाद हड़कंप मच गया। दरअसल यह काम पाकिस्तानी आतंकी कर रहे हैं जिसकी जानकारी बीएसएनएल को पहले से है। विभाग की मानें तो प्लस 92 नंबर से ग्राहकों के पास फोन आने पर दूसरी तरफ से उन्हें #90 या # 09 प्रेस करने को कहा जा रहा है। फोन करने वाला ग्राहकों को उनकी मोबाइल लाइन चेक करने का झांसा दे रहा है। बीएसएनएल ने ब्राडबैंड के आठ हजार उपभोक्ताओं को मेल जारी कर आगाह किया है।
बीएसएनएल के महाप्रबंधक आरवी वर्मा के अनुसार उपभोक्ताओं की जागरुकता के लिए मुहिम चलाने की तैयारी हो रही है। ताकि वह ऐसी फर्जी कॉल्स के प्रति सचेत रहें। उन्होंने अपील की कि ग्राहक खासतौर से #90 या #09 नंबर को प्रेस न करें। उन्होंने बताया कि कंपनी के सभी ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं को जागरुकता का मेल भी भेजा जा रहा है।
डाटा चोरी से बचने को रहें सतर्क
पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण देने वाले यूपी पुलिस के आइटी एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने बताया कि इस तरह की घटनाएं आम हो रही हैं। ग्राहकों के सिम से पूरा डाटा चोरी हो रहा है। डाटा लेकर हैकर्स या आतंकी अपने मंसूबों को अंजाम दे सकते हैं। लोगों को सावधान रहना चाहिए। हैस 90 या हैस 09 के अलावा कई और नंबरों के कांबिनेशन भी डाटा चोरी के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। ऐसा होने पर तत्काल मोबाइल कंपनी और पुलिस के साइबर सेल को सूचना दें। यही नहीं, फोन पर कभी भी अपनी पर्सनल आइडी, बैंक एकाउंट नंबर आदि की सूचना न दें।