विज्ञापन

यूपी सरकार के लिए चुनौती हैं मेरठ के कुत्ते

मेरठ/ब्यूरो Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
stray-dogs-of-meerut-is-a-challange-for-UP-government
विज्ञापन
ख़बर सुनें
शहर के आवारा कुत्ते प्रदेश सरकार के लिए चुनौती बन रहे हैं। जिले में हर साल औसतन 60 हजार लोग कुत्ते के काटने के शिकार बनते हैं। इनके लिए सरकार को प्रतिवर्ष ढाई करोड़ से ज्यादा की राशि एंटी रेबीज इंजेक्शन पर खर्च करनी पड़ती है।
विज्ञापन
पीएल शर्मा जिला अस्पताल और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन औसतन दो से ढाई सौ लोग कुत्ते के काटने के शिकार होते हैं। जिला अस्पताल के रजिस्टर के अनुसार 11 जून को 135 लोग, 12 जून को 103, 13 जून को 71, 14 जून को 101, 15 जून को 90 व 16 जून को 73 लोग आवारा कुत्ते के काटने के शिकार हुए। लगभग इतने ही लोग मेडिकल कॉलेज के रजिस्टर में भी दर्ज हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रत्येक माह औसतन पांच हजार लोग कुत्तों के काटने के शिकार होते हैं। यानी एक साल में लगभग साठ हजार मेरठवासी कुत्तों के आतंक का शिकार बनते हैं।

जिला अस्पताल के डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि लोगों को दस दिनों तक कुत्ते पर नजर रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन लोग मानते ही नहीं हैं। दस दिनों के अंदर कुत्ता मर जाता है तो इंजेक्शन लगवाने की जरूरत होती है। बाजारों में एक इंजेक्शन की कीमत लगभग चार सौ रुपये है। इस हिसाब से प्रतिमाह लगभग बीस लाख रुपये के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। यानी साल में लगभग ढाई करोड़ रुपये इस मद में खर्च हो जाते हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार मुफ्त में इंजेक्शन उपलब्ध कराती है, इसलिए मारामारी लगी रहती है। जिन मरीजों को इंजेक्शन न लगाने की सलाह दी जाती है उनके परिजन मारपीट करने पर उतारू रहते हैं। इसलिए डॉक्टर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

कुएं में गिरकर किशोर की मौत के बाद बवाल

सदर तहसील परिसर स्थित सूखे कुएं में गिरकर किशोर की मौत हो गई। करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड की टीम किशोर को निकालने में आनाकानी करती रही।

19 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बागपत के स्कूल में गैस लीक, 25 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

बागपत में गांव छपरौली के एक प्राथमिक स्कूल में गैस सिलेंडर लीक होने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मिड डे मील के लिए आया सिलेंडर लीक हो रहा था, गैस लीकेज इतनी ज्यादा थी कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

6 मई 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree