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प्रधानमंत्री ने खोले विकास के दरवाजे, तय किये रोडमैप
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
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यूपीए सरकार में सब कुछ ठप होने की बनी धारणा को तोड़ने के लिए आखिरकार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विकास के दरवाजे खोलने के लिए बुधवार को कई अहम फैसले किए। अर्थव्यवस्था के नाजुक हालात के बीच आर्थिक-बुनियादी क्षेत्र के महकमों के अपने आला मंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने ढांचागत क्षेत्र की लटकी अहम परियोजनाओं को रफ्तार देने का रोडमैप तय कर दिया।
इसके तहत इस साल करीब 9500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का आगाज करने, मुंबई में एलिवेटेड रेल कॉरिडोर से लेकर हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर और दो बड़े बंदरगाह बनाने के काम में तेजी लाने का फैसला हुआ। इतना ही नहीं लखनऊ, वाराणसी और गया समेत आधे दर्जन से ज्यादा जगहों पर नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के निर्माण को रफ्तार देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष में बिजली क्षेत्र में उत्पादन क्षमता में 18 हजार मेगावाट और बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया।
रोडमैप से सरकार का चेहरा बदलने का दांव
यूपीए सरकार में नीतिगत ठहराव यानी पालिसी पैरालिसिस पर विपक्ष ही नहीं कांग्रेस के भीतर से उठे गंभीर सवालों के बाद प्रधानमंत्री ने अपने कोर क्षेत्र के मंत्रियों की इस बैठक में बुनियादी ढांचे की लटकी परियोजनाओं से ही अर्थव्यवस्था का चेहरा बदलने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि अगले पांच सालों में इन अहम परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक खरब डालर यानी करीब 55 लाख करोड़ रुपये का निवेश जरूरी होगा। जाहिर तौर पर इस निवेश से अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी। मगर यह पूरा निवेश सरकार अकेले नहीं कर पाएगी इसमें सरकार की कोशिश पीपीपी के तहत निजी क्षेत्र को भी बड़े पैमाने पर शामिल करने की है।
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लटकी परियोजनाओं को रफ्तार देने का फैसला
नौ फीसदी विकास दर के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए सरकार ने कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किए हैं। इसके तहत चालू वित्त वर्ष के लिए 9500 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना के साथ नई पद्धति के आधार पर चार हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कों की मरम्मत करने की भी योजना है। रेलवे के लिए प्रधानमंत्री ने मुंबई में एलिवेटेड रेल कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा। इसके अलावा बंदरगाह क्षेत्र में पीपीपी मॉडल के आधार पर दो नए महत्वपूर्ण बंदरगाह निर्माण का लक्ष्य रखा गया। जबकि नागरिक विमानन क्षेत्र में तीन नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नवी मुंबई, गोवा और कन्नूर में बनाने पर आम सहमति भी बनी।
मंत्रियों से विकास के लिए एकजुट होने का आह्वान
बैठक में बिजली, रेलवे, सड़क, जहाजरानी, नागर विमानन और कोयला मंत्री शामिल थे, जबकि बैठक के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने वित्तीय व्यवस्था पर एक प्रस्तुति भी दी। प्रधानमंत्री ने बैठक में शामिल वरिष्ठ मंत्रियों से विकास के अनुकूल माहौल के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया। बुनियादी विकास के लक्ष्य रखते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सभी मंत्रालयों के आपसी झगड़ों को सुलझा कर आगे बढ़ने की जरूरत है। प्रधानमंत्री अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रत्येक तिमाही समीक्षा भी करेंगे।
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इसके तहत इस साल करीब 9500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का आगाज करने, मुंबई में एलिवेटेड रेल कॉरिडोर से लेकर हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर और दो बड़े बंदरगाह बनाने के काम में तेजी लाने का फैसला हुआ। इतना ही नहीं लखनऊ, वाराणसी और गया समेत आधे दर्जन से ज्यादा जगहों पर नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के निर्माण को रफ्तार देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष में बिजली क्षेत्र में उत्पादन क्षमता में 18 हजार मेगावाट और बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया।
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रोडमैप से सरकार का चेहरा बदलने का दांव
यूपीए सरकार में नीतिगत ठहराव यानी पालिसी पैरालिसिस पर विपक्ष ही नहीं कांग्रेस के भीतर से उठे गंभीर सवालों के बाद प्रधानमंत्री ने अपने कोर क्षेत्र के मंत्रियों की इस बैठक में बुनियादी ढांचे की लटकी परियोजनाओं से ही अर्थव्यवस्था का चेहरा बदलने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि अगले पांच सालों में इन अहम परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक खरब डालर यानी करीब 55 लाख करोड़ रुपये का निवेश जरूरी होगा। जाहिर तौर पर इस निवेश से अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी। मगर यह पूरा निवेश सरकार अकेले नहीं कर पाएगी इसमें सरकार की कोशिश पीपीपी के तहत निजी क्षेत्र को भी बड़े पैमाने पर शामिल करने की है।
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लटकी परियोजनाओं को रफ्तार देने का फैसला
नौ फीसदी विकास दर के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए सरकार ने कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किए हैं। इसके तहत चालू वित्त वर्ष के लिए 9500 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना के साथ नई पद्धति के आधार पर चार हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कों की मरम्मत करने की भी योजना है। रेलवे के लिए प्रधानमंत्री ने मुंबई में एलिवेटेड रेल कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा। इसके अलावा बंदरगाह क्षेत्र में पीपीपी मॉडल के आधार पर दो नए महत्वपूर्ण बंदरगाह निर्माण का लक्ष्य रखा गया। जबकि नागरिक विमानन क्षेत्र में तीन नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नवी मुंबई, गोवा और कन्नूर में बनाने पर आम सहमति भी बनी।
मंत्रियों से विकास के लिए एकजुट होने का आह्वान
बैठक में बिजली, रेलवे, सड़क, जहाजरानी, नागर विमानन और कोयला मंत्री शामिल थे, जबकि बैठक के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने वित्तीय व्यवस्था पर एक प्रस्तुति भी दी। प्रधानमंत्री ने बैठक में शामिल वरिष्ठ मंत्रियों से विकास के अनुकूल माहौल के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया। बुनियादी विकास के लक्ष्य रखते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सभी मंत्रालयों के आपसी झगड़ों को सुलझा कर आगे बढ़ने की जरूरत है। प्रधानमंत्री अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रत्येक तिमाही समीक्षा भी करेंगे।