हिंदू समाज खतरे में तो देश को भी खतरा: भागवत
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में कहा कि यदि हिंदू समाज खतरे में होगा, तो पूरा देश भी खतरे में आ जाएगा। इसलिए देश के हिंदू समाज के बीच एकता स्थापित होने की आवश्यकता है।
भागवत ने हिंदू एकता पर विशेष जोर देते हुए कहा, ‘भारत में यदि हिंदू समाज पर किसी तरह का खतरा होता है, तो यह पूरे देश पर होगा। यह देश हिंदू राष्ट्र है, इस देश को बचाना और उसे विकास के रास्ते पर ले जाना हिंदू समाज की जिम्मेदारी है। सभी हिंदुओं के बीच एकता स्थापित होनी चाहिए।’
भागवत यहां संघ के तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर बोल रहे थे। विविधता में देश की एकता पर का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि समाज के सभी लोगों को समान आदर दिया जाना चाहिए।
संघ की आलोचना करने वाले पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि यदि सभी हिंदू एक हो जाते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत देश को तरक्की के रास्ते पर जाने से नहीं रोक सकती। भारत एक दौर में दुनिया का नेतृत्व कर चुका है और उस वक्त पूरी दुनिया में शांति थी।
उन्होंने कहा कि देश को एक बार फिर ‘विश्व गुरु’ बनाना हिंदुओं की ही जानकारी है। संघ को लेकर भागवत ने कहा कि यह वह संगठन है जो राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा है और देश के लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगा रहा है।
संघ की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जो लोग निंदा करते हैं, उन्हें संघ के कार्यक्रमों में आकर देखना चाहिए। उसके बाद ही कोई राय बनाई जानी चाहिए।