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नासा को लगा झटका, मंगल मिशन लटका

Thu, 24 Dec 2015 03:25 PM IST
Updated Thu, 24 Dec 2015 03:25 PM IST
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NASA felt shock,  Delay mangal mission

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का मंगल मिशन फिलहाल कम से कम दो साल तक के लिए लटक गया है। नासा के भूकंपीय उपकरण के वैक्यूम स्फेयर हाउसिंग में लीक (रिसाव) की वजह से इस मिशन को 2018 तक के लिए टालना पड़ा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का यह मिशन मार्च 2016 में लांच होना था।

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मंगलवार को नासा के अधिकारियों ने बताया कि मंगल ग्रह की आंतरिक गतिविधियों के बारे में पता लगाने के लिए नासा के ‘मार्स इनसाइट मिशन’ (मंगल मिशन) को मार्च 2016 में लांच करने की योजना थी। नासा के विज्ञान निदेशालय के सहायक प्रशासक जॉन एम ग्रुन्सफेल्ड ने बताया कि मार्स इनसाइट मिशन को निर्धारित समय पर लांच करने का समय खत्म हो चुका है।
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उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए निर्धारित 67.5 करोड़ डॉलर बजट में से करीब 52.5 करोड़ डॉलर खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को बेहद कम करीब माइन 50 डिग्री फारेनहाइट तापमान पर जांच के दौरान उपकरण में एक लीक (रिसाव) पाया गया। इससे पहले के नासा के मंगल मिशनों को लाल ग्रह की सतह समेत अन्य जानकारियों को जुटाने में कामयाबी मिल चुकी है।
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मार्स इनसाइट मिशन के साथ भूकंपीय उपकरण भेजने की योजना है, जो मंगल के भीतर की गहराई की गतिविधियों और इसके प्रभाव के बारे में पता लगाएगा। इनको इस हिसाब से डिजाइन किया गया है कि ये लाल ग्रह के भीतरी गतिविधियों और तत्वों के बारे में जानकारी हासिल कर सके।

नासा का मंगल मिशन 2018 तक लटका

NASA felt shock,  Delay mangal mission

फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस इस भूकंपीय उपकरण को मंगल की सतह पर स्थापित करेगा, जो मंगल में आने वाले भूकंपों और उल्का पिंडों के प्रभाव के बारे में पता लगाएगा। उन्होंने कहा कि मंगल ग्रह सूरज से काफी दूर है। कक्षा में पहुंचने के लिए मंगल को काफी समय लगता है।

ऐसे में पृथ्वी और मंगल ग्रह को दोबारा से एक क्रम (अलाइनमेंट) में आने दो साल (मई 2018) तक का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए निर्धारित समय के भीतर उपकरणों को दुरुस्त नहीं किया जा सकता है।

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