पीएम मोदी का गले लगना, विदेशों में बटोर रहा है सुर्खियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद से मुलाकात देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गई है। दोनों देशों के बीच जो विपक्षीय समझौते हुए उससे इतर अभिवादन का तरीका इसकी वजह बनी है। किसी भी आधिकारिक मुलाकात, चाहे वह बैठक स्थानीय अधिकारियों के बीच हो या फिर दुनिया के राजनेताओं के साथ, मोदी को गले लगना अच्छा लगता है।
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक गले लगने से उन्हें कितना प्यार है वो इसी हफ्ते भारत में दिखाई दिया। जब भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के साथ उनकी आधिकारिक बैठक चल रही थी।
मोदी के मानकों पर गौर करें तो ये असामान्य आलिंगन था, जब उन्होंने फ्रांस नेता ओलांद को सीने से लगा लिया। ये सब उस समय हुआ जब वह मोदी से दूर जा रहे थे।
जबकि चंद मिनट पहले मोदी ने बेहद पारंपरिक तौर से उन्हें गले लगाया था। इस मुद्दे पर ट्विटर में कई प्रतिक्रियाएं आई हैं जिसमें मोदी के गले लगने की घटना की खिंचाई की गई है।
सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा
After the Awkward Hug, Holande turned back to escape Modi but... pic.twitter.com/VyIcjbnTqa
— Joy (@Joydas) January 24, 2016
Mr. and Mrs. Hollande on their way to Panipath. pic.twitter.com/sPtUFkOIls
— Swachh Politics (@SwachhPolitics) January 25, 2016
सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक
Modi ji is the only person on earth who knows how 2 recreate Titanic , without a ship
Chandigarh pic.twitter.com/NsX6E0mGE3
— CANeha (@Nk3010Neha) January 24, 2016
Close enough pic.twitter.com/nurlY8NSDf
— Miss Lovely (@HighHeelsWali) January 24, 2016
गले मिलने के पीछे क्या होती है मोदी की मंशा?
कुछ भारतीयों के लिए इस तरह से गले लगना एक परेशानी का सबब था और ओलांद के लिए ये बेहद अजीब था। उनका अचानक मुड़ना उनके रूख को दर्शाता है।
Dear @MEAIndia , why wasn't PM Modi briefed that hugging is not a French culture? That too from back? Wasn't the "back hug" embarrassing?
— Abdulla Madumoole (@AMadumoole) January 25, 2016
हालांकि नरेंद्र मोदी दुनिया के नेताओं समेत प्रमुख लोगों को कई साल गले लगाते नजर आते रहे हैं। वह अब ऐसा करना बंद कर देंगे इसकी संभावना नहीं लग रही है।
जीवनी लेखक निलांजन मुखोपाध्याय के मुताबिक गले लगना ये दर्शाने की कोशिश करना है कि वह जिससे मिल रहे हैं, जिसके साथ बैठक कर रहे हैं, दोनों पक्ष समान स्तर के हैं। मुखोपाध्याय ने बीबीसी से पिछले साल कहा था कि मोदी एक अदाकार हैं। वह दुनिया को ये बताना चाहते हैं कि जिनसे वह मिल रहे हैं उनके बराबर हैं, दोस्त हैं और उनके स्नेही हैं।
आखिर किसको-किसको मोदी ने लगाया गले?
ये तस्वीर 21 नवंबर 2015 की है जब क्वालालांपुर में 27वें आसियान सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
मोदी के गले लगाने की घटना को इस दौरान बगल में खड़े लाओस के प्रधानमंत्री थांगसिंग थामवॉन्ग देख रहे थे।
जॉन कैरी से गले मिले प्रधानमंत्री मोदी
जिसमें दोनों नेता हाथ मिलाने के बाद लगभग गले लगने की स्थिति में खड़े हैं।
ये तस्वीर 11 जनवरी 2015 में उस वक्त सामने आई जब वाइब्रेंट गुजरात सम्मिट का आयोजन गुजरात में किया गया था।
शिंजो आबे से गले मिलते पीएम मोदी
ये तस्वीर 30 अगस्त, 2014 की है।
जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जापान में अपने समकक्ष शिंजो आबे से मुलाकात के लिए पहुंचे।
क्योटो के स्टेट गेस्ट हाउस में उनकी मुलाकात के दौरान ये तस्वीरें सामने आई।
ओबामा से गले मिले पीएम मोदी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा से गले मिलते हुए।
ये तस्वीर 25 जनवरी, 2015 की है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा अपनी पत्नी मिसेल के साथ दौरे पर आए।
पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उनके भारत आने पर मोदी ने ओबामा को गले लगा लिया।
जुकरबर्ग से गले मिलते पीएम मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से गले मिले।
ये तस्वीर कैलिफोर्नियां के मेनलो पार्क की है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सिंतबर, 2015 में फेसबुक हेडक्वार्टर पहुंचे थे।
टाउनहॉल में बैठक के दौरान मोदी ने जुकरबर्ग को गले लगा लिया।
पीएम मोदी ने टोनी एबट को लगाया गले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट से गले मिलते हुए।
ये तस्वीर 15 नवंबर, 2014 की है। जब ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में ब्रिस्बेन कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर का आयोजन किया गया था।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एबट को गले लगा लिया।
मुकेश अंबानी को लगाया गले
ये तस्वीर 11 जनवरी, 2013 की है जब नरेंद्र मोदी ने रिलांयस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी को गले लगाया।
ये तस्वीर 6वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल सम्मिट की है।
जब गांधीनगर के महात्मा मंदिर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल सम्मिट का आयोजन किया गया था।