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येदियुरप्पा को भाजपा में वापस लाना चाहते हैं मोदी

Sat, 29 Jun 2013 08:32 AM IST
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा Updated Sat, 29 Jun 2013 08:32 AM IST
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narendra modi wants bs yeddyurappa back in bjp

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भाजपा में लौट आएं।

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येदियुरप्पा के अलग राह पकड़ने के बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा की हुई दुर्गति से सबक लेते हुए पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी मोदी की इस मुहिम के साथ हैं। इसके लिए पार्टी की कर्नाटक इकाई ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।

मोदी की पहल पर ही अब कर्नाटक की कोर कमेटी शनिवार को येदियुरप्पा की घर वापसी लेकर चर्चा करने जा रही है।

इसके बाद प्रदेश इकाई अपना फैसला पार्टी नेतृत्व को बताएगी। वैसे मोदी भी चार जुलाई को दिल्ली में होंगे। उस दिन पार्टी की चुनाव अभियान समिति की दूसरी बैठक होनी है।
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येदियुरप्पा को लेकर प्रदेश इकाई से हरी झंडी मिलने के बाद उनकी वापसी तय है। यह जानते हुए भी कि पार्टी के ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी शुरू से येदियुरप्पा के सख्त खिलाफ रहे हैं, मोदी हर हालत में उनकी वापसी चाहते हैं।
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दरअसल, भाजपा नेतृत्व मानने लगा है आगामी लोकसभा की सियासी जंग में बगैर येदियुरप्पा के कर्नाटक में पार्टी को चार सीटें भी मिलने की संभावना नहीं है, जबकि भाजपा के पास अभी 19 सीटें हैं।

विधानसभा चुनाव में अपनी कर्नाटक जनता पार्टी की झोली में लगभग 11 फीसदी वोट डलवाने कें कामयाब हो चुके येदियुरप्पा वहां भाजपा को सत्ता से बेदखल कर अपनी हैसियत भी बता चुके हैं।

माना जा रहा है कि येदियुरप्पा भी भाजपा में वापसी के इच्छुक हैं। मोदी से उनकी पटती है। इसलिए अब उनकी वापसी का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

वैसे तो संघ येदियुरप्पा की वापसी के पक्ष में नहीं है, लेकिन संघ भी मानता है कि येदियुरप्पा वहां भाजपा की मजबूरी हैं। भाजपा में भी आडवाणी के साथ ही महासचिव अनंत कुमार भी येदियुरप्पा के सबसे ज्यादा खिलाफ रहे हैं।


येदियुरप्पा के भाजपा से बारह होने में इसी खेमे का सबसे ज्यादा हाथ रहा है। अब चूंकि कर्नाटक में भाजपा अब लगभग 20 साल पीछे चली गई है और इसके लिए प्रदेश में सबसे ज्यादा आलोचना अनंत कुमार व आडवाणी की हुई है। इसलिए आडवाणी खेमा अब येदियुरप्पा का ज्यादा विरोध करने की स्थिति में नहीं है।

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