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मोदी बनाम राहुलः फेकू जीतेगा या पप्पू

Fri, 12 Apr 2013 07:25 AM IST
अवनीश पाठक
अवनीश पाठक Updated Fri, 12 Apr 2013 07:25 AM IST
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narendra modi vs rahul gandhi

#पप्पू vs # फेकू, नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के समर्थकों के बीच की ट्विटर पर छिड़ी जंग इंटरनेट की दुनिया से निकलकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है।

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सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आरएसएस और भाजपा के विचारों का प्रभाव कम करने के लिए कांग्रेस भी यहां सक्रिय होने की योजना बना रही है।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा है ‘सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर धीरे-धीरे हमारा पेनिट्रेशन बढ़ रहा है। 6 महीने पहले संघ का दबदबा था, आज वो नहीं और छह महीने बाद आप देखेंगे वो कहां खड़े हैं।'
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संभावना है कि दिग्विजय सिंह अपनी वेबसाइट की घोषणा कर सकते हैं।

सू़त्रों का कहना है कि सोशल मीडिया में आरएसएस और नरेंद्र मोदी का प्रभाव कम करने के लिए कांग्रेस ने भारी-भरकम रकम खर्च की है।

सोमवार को फिक्की की महिला संगठन के कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के साथ-साथ ही ट्विटर पर #फेकू का ट्रेंड करना कांग्रेस की नई रणनीति का संकेत है।
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कांग्रेस समर्थक ने सोशल मीडिया पर रियल टाइम में मोदी के दावों को खारिज करने की रणनीति बनाई है।

मोदी के फिक्की में दिए भाषण के तुरंत बाद से यह ट्रेंड दिखने लगा है।

सोमवार को फिक्की के महिला विंग में जब मोदी भाषण दे रहे थे, ट्विटर पर सक्रिय कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने ट्विट किया, ‘#फेकू, मोदी महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं, इन्होंने ही माया कोडनानी को मंत्री नियुक्त किया था, जो 30 महिलाओं की हत्या की आरोपी हैं।’

सोशल मीडिया के बहाने मतदताओं को रिझाने की कोशिश
नरेंद्र मोदी पिछली बार जब दिल्ली आए थे, अपनी ही पार्टी के एक नेता से उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को पिछले लोकसभा चुनाव में लगभग 11 करोड़ वोट मिले थे, जबकि सोशल मीडिया पर इस समय 14 करोड़ यूजर्स हैं। मोदी  अपनी पार्टी को ताकीद की थी कि हमें इन 14 करोड़ वोटर्स के बारे में सोचना होगा।

दरअसल सोशल मीडिया की ये मुहिम इन 14 करोड़ यूजर्स को रिझाने की ही है। नरेंद्र मोदी तीन सालों से फेसबुक और ट्विटर पर सक्रिय हैं।

ट्विटर पर मोदी के 14 लाख 50 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि फेसबुक पर उनके पेज को 14 लाख 85 हजार से अधिक लोग लाइक कर चुके हैं।

मोदी सोशल मीडिया पर अपनी अतिसक्रियता को स्वीकार भी करते हैं। फिक्की के महिला विंग के भाषण में उन्होंने कहा था कि मैं सोशल मीडिया में उपलब्ध हूं, आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं।

हालांकि कांग्रेस सोशल मीडिया में मोदी के प्रशंसकों की संख्या को फर्जी बताती है।

तहसीन पूनावाला के मुताबिक, मोदी के 40 फीसदी फॉलोअर्स फर्जी हैं। पूनावाला कहते हैं कि मोदी अपना ट्विट भी खुद नहीं करते। उन्होंने 'एपो' नाम की कंपनी को ट्विट करने का ठेका दे रखा है।

भाजपा कांग्रेस के आरोपों को खारिज करती है और कहती है मोदी के ट्विट पर कमेंट दुनिया भर में फैले उनके प्रशंसक करते हैं।

#पप्पू और #फेकू से चरम पर पहुंची लड़ाई
नरेंद्र मोदी के फिक्की में दिए भाषण के बाद ट्विटर पर शुरू हुए #फेकू और #पप्पू का ट्रेंड ने इन दोनों पार्टियों के बीच की सोशल मीडिया वॉर को चरम पर पहुंचा दिया है।


इस लड़ाई की शुरुआत राहुल गांधी के सीआईआई में दिए भाषण के बाद हुई थी, जब ट्विटर पर #pappucii, #internet pappu जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

इन हैशटैग पर राहुल गांधी के बारे में कई ऐसे ट्विट्स किए गए, जिनमें नेटिकेट्स (इंटरनेट के शिष्टाचार) का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया।

इसके बाद मोदी के फिक्की के भाषण के बाद ट्विटर पर #फेकू ट्रेंड करने लगा। #फेकू राहुल गांधी के समर्थकों द्वारा बनाया गया हैशटेग था। यहां भी वही कहानी दोहराई गई जो राहुल गांधी के साथ हुई थी, मोदी के बारे में किए गए ट्विट्स में नेटिकेट्स की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं।

ट्विटर पर #फेकू और #पप्पू अब भी ट्रेंडिंग में हैं।

ये मतदाताओं को मनाने की मुहिम है या आभासी दुनिया की एक आभासी कवायद, ये तो वक्त बताएगा, हम फिलहाल इंतजार कर रहे हैं इस बात का कि सोशल मीडिया की इस वॉर में जीतेगा कौन- फेकू या पप्पू।

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