नमो ने तोड़ा ममो का दस साल का रिकॉर्ड
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पिछले दस सालों में पहली बार गुरुवार को किसी प्रधानमंत्री ने लोकसभा में वोटिंग में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जजों की नियुक्ति संबंधी कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने वाले संवैधानिक संशोधन विधेयक पर मतदान किया।
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा के सदस्य होने के कारण लोकसभा में कभी मतदान नहीं किया। मतदान के लिए इलेक्ट्रानिक वोटिंग सिस्टम की बजाय पुरानी पर्ची वाली व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया।
जजों की नियुक्ति के बिल पर आज राज्यसभा में वोटिंग होना है। बिल पास हो जाता है तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति कॉलेजियम नहीं बल्कि 6 सदस्यीय न्यायिक आयोग करेगा।
न्यायिक नियुक्ति आयोग बिल पारित
लोकसभा में इससे संबंधित न्यायिक नियुक्ति आयोग बिल बुधवार को एक सरकारी संशोधन के साथ सर्वसम्मति से पारित हो गया।
इससे पहले लोकसभा ने न्यायिक नियुक्ति आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और कॉलेजियम सिस्टम को खत्म करने के लिए 121वें संविधान संशोधन विधेयक को शून्य के मुकाबले 367 मतों से पारित कर दिया।
इस बिल को बुधवार को उच्च सदन में पेश करने के साथ ही इसे पारित कराने के लिए चर्चा की शुरुआत कर दी गई।
सरकार की योजना इसे बृहस्पतिवार को उच्च सदन से पारित कराकर कानूनी जामा पहनाने और अगले दो-तीन महीने में न्यायिक आयोग गठित कर देने की है।