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एनडीए का दायरा बढ़ाने में जुटे नरेंद्र मोदी

Wed, 14 Aug 2013 01:19 AM IST
नई दिल्ली/विनोद अग्निहोत्री
नई दिल्ली/विनोद अग्निहोत्री Updated Wed, 14 Aug 2013 01:19 AM IST
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narendra modi try to add more parties in nda

भाजपा के चुनावी अभियान की कमान पूरी तरह अपने हाथ में लेने के बाद प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी अब एनडीए का दायरा बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।

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जनता दल(यू) के एनडीए से अलग होने के बाद मोदी के लिए यह बड़ी सियासी चुनौती है। एनडीए में अभी सिर्फ भाजपा, शिवसेना और अकाली दल ही बचे हैं।

मोदी चाहते हैं कि कम से कम दो तीन दल एनडीए में और आ जाएं जिससे लोकसभा चुनावों में भाजपा के अकेलेपन का संदेश न जाए।

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तेलुगू देशम के अलावा जनता दल(एस), तमिलनाडु में एआईडीएमके, असम में अगप जैसे दलों के साथ भाजपा के संपर्क सूत्रों की बातचीत चल रही है। उड़ीसा में बीजद के बागी नेता प्यारी मोहन महापात्र के साथ संपर्क साधने की कोशिश हो रही है।
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बताया जाता है कि एनडीए विस्तार की कमान खुद मोदी ने अपने हाथ में ले ली है और उनके निर्देश पर ही काम हो रहा है।

यह जानकारी देने वाले सूत्रों का कहना है कि मोदी के विश्वस्त माने जाने वाले उनके सहायक तन्मय मेहता लगातार कई दलों के नेताओं के संपर्क सूत्रों के साथ बातचीत कर रहे हैं। जहां तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और एआईडीएमके की प्रमुख जयललिता के साथ मोदी के रिश्ते बेहद अच्छे हैं लेकिन जयललिता ने चुनाव से पहले भाजपा के साथ गठबंधन का कोई संकेत अभी नहीं दिया है।

लेकिन मोदी और उनके सलाहकारों को भरोसा है कि देर सबेर जयललिता का समर्थन जुटाने में उन्हें कोई कठिनाई नहीं होगी।

जबकि कर्नाटक में जनता दल(एस) के नेता एच.डी.कुमारस्वामी के साथ भाजपा की बातचीत जारी है।

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कनार्टक के पूर्व मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा हाल ही में नरेंद्र मोदी से मिले भी थे और उन्होंने जद(एस) के साथ आने की संभावना को लेकर मोदी से बातचीत भी की।

मोदी ने उन्हें इसके लिए हरी झंडी दे दी और इसके बाद ही दोनों दलों के बीच कनार्टक में हो रहे दो उपचुनावों और विधानपरिषद के चुनाव को लेकर सहमति बनी।

उपचुनावों में जद(एस) के खिलाफ भाजपा ने अपने उम्मीदवार न लड़ाने का फैसला किया है। जबकि विधानपरिषद के चुनाव में जद(एस) भाजपा उम्मीदवार का समर्थन करेगा।

हालाकि जद(एस) के अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा भाजपा से दोस्ती के पक्ष में नहीं हैं लेकिन उनके बेटे पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी एनडीए के साथ जुडऩा चाहते हैं और फिलहाल कुमारस्वामी की राय भारी पड़ रही है।


उडीसा में मोदी के संपर्क सूत्रों ने पहले बीजद अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को टटोलने की कोशिश की, लेकिन पटनायक की तरफ से कोई दिलचस्पी न दिखाए जाने पर प्यारी मोहन महापात्र के साथ बातचीत शुरु की गई है।

कोशिश पी.ए.संगमा को भी एनडीए में लाने की है, लेकिन मेघालय चुनाव में भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगा चुके संगमा खामोश हैं।

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