'मोदी से नजदीकी' पर थरूर ने दी सफाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शशि थरूर ने फेसबुक पर डाली है एक पोस्ट। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी सफाई दी है। सफाई ये कि वो बीजेपी समर्थक नहीं हैं। सवाल ये है कि उन्हें ये सफाई देने की जरूरत क्यों पड़ी?
थरूर ने लिखा है कि,"मैं हैरान हूं कि मुझ पर प्रो बीजेपी होने के आरोप लगे। मैं पिछले 30 सालों से लिख रहा हूं कि भारत के प्रति मेरी सोच, मेरा गहरा विश्वास इसकी अनेकता में एकता है।"
थरूर ने लिखा है कि,"बीजेपी नेताओं के किसी खास काम और बयान को सही ठहराने का ये मतलब नहीं कि मैंने बीजेपी के कोर हिंदु्त्व के एजेंडे को अपना लिया है।"
उन्होंने लिखा है कि,"इस तरह के बयान देकर बीजेपी सरकार के खिलाफ की गई मेरी आलोचना को नजरअंदाज किया जा रहा है जो कि एक दस्तावेज की तरह है।"
आइए अब आपको बताते हैं कि आखिर शशि थरूर को ये सफाई सोशल मीडिया के जरिए देने की जरूरत क्यों पड़ी।
मोदी ने दिया था थरूर को आमंत्रण
दो अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी और नौ लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया था।
जिन नौ लोगों को मोदी ने आमंत्रित किया था उनमें से एक नाम शशि थरूर का भी था। इस पर शरूर ने कहा था कि वे खुद को इस आमंत्रण पर सम्मानित महसूस करते हैं।
इसके बाद से कांग्रेस में अजीब स्थिति पैदा हो गई थी हालांकि पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर इस पर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक कई नेता थरूर के इस बयान और उनके मोदी प्रेम से खफा थे।
कांग्रेसी नेता राजीव शुक्ला ने भी कहा था कि,"सभी लोगों को स्वच्छता अभियान के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए ना कि सिर्फ एक या दो लोगों को।"
मणिशंकर अय्यर ने साधा था थरूर पर निशाना
लेकिन इस पर सबसे ज्यादा खफा नजर आए कांग्रेस के मणि शंकर अय्यर। उन्होंने कहा कि मैं इस बात से सम्मानित महसूस करता हूं कि मोदी ने मुझे आमंत्रित नहीं किया।
अंग्रेजी अखबार इक्नॉमिक टाइम्स से बात करते हुए अय्यर ने कहा कि,"शशि थरूर मोदी के आमंत्रण से सम्मानित महसूस करते हैं और मैं इस बात से सम्मानित महसूस करता हूं कि उन्होंने मुझे आमंत्रित नहीं किया।"
उन्होंने कहा कि,"स्वच्छ भारत अभियान गांधीवाद की मूल भावना पर आधारित नहीं है और इसकी अनदेखी कर रहा है।" अय्यर ने यूपीए सरकार के दौरान चल रहे निर्मल भारत अभियान की भी उपलब्धियां गिनाईं।
मोदी पर हमला बोलते वक्त उन्होंने थरूर का नाम लिया जिसे थरूर पर भी निशाना माना जा रहा है। अब थरूर का जो बयान सामने आया है उससे साफ है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है।
मोदी के नजदीक जा रहे हैं थरूर?
मोदी जब अमेरिका गए तो उन्होंने वहां पर भाषण दिया। कांग्रेस ने उनके भाषण की आलोचना की थी लेकिन थरूर अकेले कांग्रेसी नेता थे जिन्होंने मोदी की तारीफ की थी।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक थरूर को मीडिया ब्रीफिंग से भी इसीलिए रोक दिया गया था कि उन्होंने मोदी की तारीफ की थी लेकिन फिर आलाकमान की हरी झंडी मिलने पर कांग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग को अपने इस फैसले से पीछे हटना पड़ा था।
मोदी के पीएम बनने के बाद भी थरूर ने उन्हें बदला हुआ नेता बताया था और वर्जन 2.0 करार दिया था। उनके इस बयान पर भी कांग्रेस को फजीहत का सामना करना पड़ा था।